शेयर बाजार नियामक संस्था, SEBI ने बुधवार को अपनी बोर्ड मीटिंग में कई बड़े सुधारों को मंज़ूरी दी, जिसमें म्यूचुअल फंड से लेकर फंड जुटाने वाली कंपनियों के लिए ऑफर डॉक्यूमेंट को आसान बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। एक रिलीज़ में कहा गया है कि मार्केट रेगुलेटर ने टोटल एक्सपेंस रेशियो (TER) को ब्रेकडाउन करके म्यूचुअल फंड में पारदर्शिता बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंज़ूरी दी है।

इसमें कहा गया है कि ऑफर डॉक्यूमेंट समरी को आसान बनाने के प्रस्ताव से इन्वेस्टर्स को सोच-समझकर फैसले लेने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही ऑफर डॉक्यूमेंट समरी को आसान बनाने के प्रस्ताव से इन्वेस्टर्स को सोच-समझकर फैसले लेने में मदद मिलेगी।

SEBI बोर्ड मीटिंग के बड़े फैसले

सेबी ने डेट जारी करने वालों को पब्लिक इश्यू में कुछ खास कैटेगरी के इन्वेस्टर्स को इंसेंटिव देने की भी इजाज़त दी।

सेबी के बोर्ड ने बड़ी मात्रा में कर्ज वाली कंपनियों पर कंप्लायंस का बोझ कम करने के लिए एक फ्रेमवर्क से संबंधित सिफारिश को मंजूरी दी। इसमें हाई वैल्यू डेट लिस्टेड एंटिटीज़ (HVDLEs) की पहचान के लिए थ्रेशहोल्ड को मौजूदा 1,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5,000 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

इस बोर्ड मीटिंग में मार्केट रेगुलेटर ने निवेशकों के लिए पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT), स्टाम्प ड्यूटी और GST जैसे वैधानिक शुल्कों को टोटल एक्सपेंस रेश्यो (TER) से अलग करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी, ताकि इसमें शामिल सभी लागतों की बेहतर समझ मिल सके।

प्रॉपर्टी डिसक्लोजर पर समीक्षा

इसके अलावा, सेबी बोर्ड ने हितों के टकराव और अपने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संपत्ति के खुलासे पर उच्च-स्तरीय पैनल की सिफारिशों की भी समीक्षा की। बता दें कि यह सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडे की अध्यक्षता में चौथी बोर्ड मीटिंग थी। तुहिन कांत पांडे ने 1 मार्च को यह पद संभाला था।