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कोरबा ब्रेकिंग न्यूज: छुट्टी के विवाद में केसीसी कंपनी के साइट ऑफिस में हंगामा, मैनेजर घायल।

कोरबा में औद्योगिक क्षेत्र में तनाव

केसीसी कंपनी के साइट ऑफिस में छुट्टी विवाद ने लिया हिंसक रूप

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के गेवरा–दीपका क्षेत्र में स्थित केसीसी (कलिंगा कॉरपोरेशन डेको) कंपनी के साइट ऑफिस में उस समय हड़कंप मच गया, जब छुट्टी को लेकर हुआ विवाद मारपीट और तोड़फोड़ में बदल गया। इस घटना में कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर पर कर्मचारियों द्वारा हमला किए जाने का आरोप है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रोजेक्ट मैनेजर की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

यह घटना न केवल औद्योगिक अनुशासन पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि श्रमिक और प्रबंधन के बीच संवाद की कमी किस तरह कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा कर सकती है।


एसईसीएल दीपका खदान से जुड़ा है मामला

कोरबा जिला देश के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। यहां साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की दीपका खदान में बड़े पैमाने पर ओवरबर्डन (ओबी) खनन का कार्य चल रहा है। इस कार्य का ठेका केसीसी कंपनी को मिला हुआ है।

खनन कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कंपनी को माइंस क्षेत्र के भीतर ही साइट ऑफिस उपलब्ध कराया गया है। यही साइट ऑफिस इस विवाद का केंद्र बना, जहां कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच टकराव हुआ।


छुट्टी और हाजिरी बना विवाद की वजह

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत मजदूरों की छुट्टी को लेकर हुई। दीपका क्षेत्र में हाल ही में एक छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें कंपनी के कुछ मजदूर छुट्टी लेकर शामिल हुए थे।

कार्यक्रम से लौटने के बाद जब इन मजदूरों को पता चला कि उनकी हाजिरी काट दी गई है, तो वे नाराज हो गए। मजदूरों का कहना था कि उन्होंने पहले से छुट्टी की जानकारी दी थी, इसके बावजूद उन्हें अनुपस्थित दर्ज कर लिया गया, जो उनके साथ अन्याय है।


बातचीत से शुरू हुआ विवाद, मारपीट तक पहुंचा

हाजिरी कटने से नाराज मजदूर अपनी शिकायत लेकर केसीसी कंपनी के साइट ऑफिस पहुंचे। यहां उनकी मुलाकात कंपनी के जीएम और प्रोजेक्ट इंचार्ज महेश कुमार से हुई। शुरुआत में बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की कोशिश की गई, लेकिन जल्द ही दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बात इतनी बढ़ गई कि कुछ कर्मचारियों ने अपना संयम खो दिया और गाली-गलौज के बाद हाथापाई शुरू हो गई। देखते ही देखते साइट ऑफिस का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया।


प्रोजेक्ट मैनेजर पर हमला और तोड़फोड़

आरोप है कि विवाद के दौरान कुछ कर्मचारियों ने प्रोजेक्ट मैनेजर महेश कुमार पर लात-घूंसों से हमला कर दिया। इस दौरान ऑफिस में रखे सामान को भी नुकसान पहुंचाया गया। केसीसी कंपनी के एल एंड आर हेड विकास दुबे ने बताया कि हमलावरों ने मिट्टी का गमला उठाकर प्रोजेक्ट मैनेजर पर फेंका।

हमले के दौरान ऑफिस की एक खिड़की टूट गई और वहां मौजूद अन्य कर्मचारी भी सहम गए। घटना के बाद पूरे माइंस क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।


पुलिस और सीआईएसएफ ने संभाली स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही दीपका थाना पुलिस और सीआईएसएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। सुरक्षा बलों ने हालात को काबू में लिया और विवाद में शामिल लोगों को अलग किया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई से स्थिति और ज्यादा बिगड़ने से बच गई। अधिकारियों का कहना है कि यदि समय पर हस्तक्षेप नहीं किया जाता, तो यह घटना बड़े टकराव का रूप ले सकती थी।


सीसीटीवी फुटेज बना अहम सबूत

केसीसी कंपनी के साइट ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। प्रोजेक्ट मैनेजर महेश कुमार ने दीपका थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके साथ सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपे गए।

पुलिस ने फुटेज की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और गवाहों के बयान जांच में अहम भूमिका निभाएंगे।


मजदूरों ने भी रखा अपना पक्ष

इस मामले में मजदूरों का पक्ष भी सामने आया है। मजदूरों का कहना है कि कंपनी प्रबंधन, खासकर प्रोजेक्ट मैनेजर का व्यवहार कर्मचारियों के प्रति ठीक नहीं है। उनका आरोप है कि उनसे कठोर भाषा में बात की जाती है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जाता।

मजदूरों का यह भी कहना है कि छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होना उनकी सामाजिक पहचान से जुड़ा हुआ है, लेकिन कंपनी ने इसे अनुशासनहीनता मान लिया, जिससे विवाद और गहरा गया।


कंपनी प्रबंधन ने हिंसा को बताया गलत

केसीसी कंपनी प्रबंधन ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में हिंसा का सहारा लेना गलत है। कंपनी का कहना है कि छुट्टी और हाजिरी से जुड़े मुद्दों को आपसी बातचीत और नियमों के तहत सुलझाया जा सकता था।

प्रबंधन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि पुलिस जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए आंतरिक संवाद को मजबूत किया जाएगा।


पुलिस जांच जारी, स्थिति सामान्य

दीपका पुलिस के अनुसार, फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि माइंस क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनी रहे।


निष्कर्ष

कोरबा के गेवरा–दीपका क्षेत्र में केसीसी कंपनी के साइट ऑफिस में हुई यह घटना औद्योगिक क्षेत्रों के लिए एक चेतावनी है। श्रमिकों की भावनाओं, सांस्कृतिक पहलुओं और कार्यस्थल के अनुशासन के बीच संतुलन बनाना बेहद जरूरी है।

जहां एक ओर मजदूरों को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है, वहीं दूसरी ओर कानून हाथ में लेना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और इस घटना से सबक लेकर भविष्य में ऐसे विवादों को कैसे रोका जाता है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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