भारत और यूरोपीय यूनियन (ईयू) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर कांग्रेस की तीखी टिप्पणी का केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने करारा जवाब दिया और कहा, ‘अंगूर खट्टे हैं।’

उन्होंने इस मुहावरे का उपयोग कांग्रेस नेता जयराम रमेश की एक्स पर उन टिप्पणियों को लेकर किया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि एफटीए को बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है। रमेश ने व्यापार घाटा, आटोमाइबल, बौद्धिक संपदा और कार्बन बार्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म जैसे मुद्दों पर चिंता जताई थी।

वाणिज्य मंत्री गोयल ने जयराम के इन दावों का जोरदार खंडन किया और कहा कि यह अंगूर खट्टे वाली कहानी है। जो लोग सत्ता में रहते हुए फैसले नहीं ले सके, वे अब कुछ न करने को ही अपनी खूबी बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी (कांग्रेस) ने 2006 में इस पर चर्चा शुरू की थी, लेकिन समझौते को अंतिम रूप नहीं दे सकी।

कांग्रेस को इसका जवाब देना चाहिए और उनसे यह पूछता हूं कि वे भारत के हितों को खतरे में डालने के लिए चीन के साथ एफटीए पर कैसे विचार कर सकते हैं। एएनआइ से बातचीत में गोयल ने कहा, ‘यह जैसे अंगूर खट्टे हैं। चर्चा 2006 में शुरू हुई, 2007 में लांच हुई और 2013 में छोड़ दी गई।

उनके पास समझौते को अंतिम रूप देने की न तो हिम्मत थी और न ही इच्छा। डर के कारण यूपीए और कांग्रेस सरकारें कभी निर्णायक कदम नहीं उठा सकीं और जयराम रमेश को विकास-विरोधी माना जाता है। एक पर्यावरण मंत्री के रूप में उन्होंने देश की विकास यात्रा को रोक दिया।’

अमेरिका सहित कई देशों के साथ चल रही बातचीत

वाणिज्य मंत्री ने कहा कि भारत अब अमेरिका सहित कुछ अन्य देशों के साथ एफटीए की राह पर आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा, ”कई देशों के साथ बहुत काम की बातचीत चल रही है। मैं आपको भरोसा दिला सकता हूं कि भारत अपने हितों की रक्षा करते हुए नए बाजार खोलेगा। हम अपने निर्यातकों को और मौके देने के लिए नए समझौते करते रहेंगे। किसानों, मछुआरों, पशुपालकों और छोटे उद्योगों के हितों की रक्षा करेंगे।”

गोयल ने कहा, ”हमारी चिली के साथ बातचीत अंतिम दौर में है और हम कनाडा और अमेरिका के साथ भी बातचीत चल रही है। हम बहुत जल्द गल्फ को-आपरेशन काउंसिल (जीसीसी) के छह देशों के साथ भी बातचीत शुरू करेंगे।” गोयल ने भारत-ईयू व्यापार समझौते की तारीफ करते हुए इसे एक ऐतिहासिक समझौता बताया है।