दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

विधिक जागरूकता शिविर में विभागों की बेरुखी, बाड़मेर में प्रशासनिक उदासीनता उजागर


नगर परिषद बाड़मेर में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर उस समय विवादों में आ गया, जब अधिकांश विभागों के अधिकारी इसमें शामिल नहीं हुए। आम नागरिकों की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में अधिकारियों की गैरमौजूदगी ने सरकारी तंत्र की संवेदनहीनता को उजागर कर दिया।

शिविर का उद्देश्य और महत्व

विधिक जागरूकता शिविरों का मुख्य उद्देश्य जनता को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देना और विभिन्न सरकारी विभागों से जुड़ी समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर करना होता है। इससे नागरिकों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

महत्वपूर्ण विभाग रहे नदारद

शिविर में बिजली, जलदाय, सड़क निर्माण, परिवहन, ट्रैफिक, अतिक्रमण हटाने और मृत पशु उठाने जैसे अहम विषयों पर चर्चा होनी थी। लेकिन आमंत्रित 12 विभागों में से केवल चार विभागों के अधिकारी ही उपस्थित रहे।

समस्याएं लेकर पहुंचे लोग हुए निराश

कई नागरिक सुबह से ही शिविर स्थल पर पहुंच गए थे। उन्होंने आवेदन और दस्तावेज भी तैयार कर रखे थे, लेकिन संबंधित अधिकारियों की अनुपस्थिति के चलते उनकी शिकायतें सुनी ही नहीं जा सकीं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सख्ती

इस पूरे घटनाक्रम पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव कृष्णा गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि विभागों को पहले से सूचना दी गई थी, इसके बावजूद अधिकारियों का न आना अनुशासनहीनता है।

कोर्ट में पेश होने के निर्देश

सचिव ने गैरहाजिर अधिकारियों को न्यायालय में उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो।

लोक अदालत से जुड़ा मामला

बाड़मेर जिले में लोक अदालत के गठन की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे शिविरों की सफलता लोक अदालत की प्रभावशीलता के लिए जरूरी मानी जाती है।

प्रशासन को चेतावनी

सचिव ने दो टूक कहा कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!