डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का असर अब सीधे सर्राफा बाजार पर दिखने लगा है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जहां चांदी करीब 4% तक टूट गई और सोना भी सस्ता (gold silver price crash today) हो गया।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक, चांदी की कीमत 11,000 रुपये यानी 3.97% गिरकर 2,65,500 रुपए (silver price today) प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) रह गई। इससे पहले गुरुवार को चांदी 2,76,500 रुपए (silver rate today) प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

वहीं सोने की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली। स्थानीय बाजार में 99.9% शुद्धता वाले सोने का भाव 2,000 रुपए (gold price crash) टूटकर 1,63,200 रुपए (gold price today) प्रति 10 ग्राम रह गया।

क्यों गिरे सोना-चांदी के दाम ?

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार के मुताबिक,

घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर डॉलर की मजबूती और वैश्विक मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता का दबाव बना हुआ है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का डर पैदा हो गया है। ऐसे हालात में केंद्रीय बैंक लंबे समय तक सख्त मौद्रिक नीति बनाए रख सकते हैं, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव पड़ता है।”

परमार का कहना है कि फिलहाल बाजार में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव और ट्रेडर्स की बिकवाली जारी रह सकती है। हालांकि भू-राजनीतिक तनाव कम होने पर केंद्रीय बैंकों की खरीद और खुदरा निवेश से कीमतों को फिर सहारा मिल सकता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर ?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं में दबाव दिखा। हाजिर चांदी करीब 1% गिरकर 83.14 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। वहीं सोने की कीमत में मामूली बढ़त के साथ यह 5,088 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

चॉइस ब्रोकिंग के जिंस और मुद्रा विश्लेषक आमिर मकडा के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट में रही है और यह 5,100 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे आ गई है।

उन्होंने कहा कि तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के कारण डॉलर मजबूत हुआ है। साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भी सोने पर दबाव बना है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के जिंस विश्लेषक मानव मोदी के मुताबिक बाजार को उम्मीद थी कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में नरमी दिखाएगा, लेकिन हाल के संकेत बताते हैं कि जल्द दर कटौती की संभावना कम है।

इसी वजह से फिलहाल सोना और चांदी दोनों की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।