इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने अली लारीजानी की हत्या के बदले में तेल अवीव में 100 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है। इस बात की जानकारी सरकारी ब्रॉडकास्टर प्रेस टीवी ने दी।

बुधवार को जारी एक बयान में आईआरझीसी ने घोषणा की कि इन ठिकानों को उसके चल रहे जवाबी ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 61वीं लहर के दौरान निशाना बनाया गया। प्रेस टीवी के अनुसार, इस ऑपरेशन में कई वॉरहेड वाली खुर्रमशहर-4 और कद्र मिसाइलों के साथ-साथ इमाद और खैबर शिकन प्रोजेक्टाइल्स का इस्तेमाल किया गया। इन्हें ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव लारीजानी की मौत का बदला लेने के लिए तैनात किया गया था।

‘तेल अवीव में ब्लैकआउट’

आईआरजीसी ने दावा किया कि इन हमलों के दौरान मिसाइलों ने कब्जे वाले इलाकों के बीचों-बीच 100 से ज्यादा सैन्य और सुरक्षा ठिकानों को बिना किसी रुकावट के निशाना बनाया। प्रेस टीवी ने जमीनी जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि हमलों के परिणामस्वरूप तेल अवीव में आंशिक ब्लैकआउट हो गया।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस स्थिति के कारण जमीन पर मौजूद सेनाओं के लिए नियंत्रण बनाए रखना या बचाव अभियान चलाना और भी मुश्किल हो गया। आईआरजीसी ने आगे दावा किया कि ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 में 230 से अधिक लोग हताहत हुए हैं, जिनमें मारे गए और घायल हुए लोग शामिल हैं।

और किन ठिकानों को बनाया गया निशाना

यह जवाबी कार्रवाई वाशिंगटन और तेल अवीव द्वारा इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ शुरू की गई हालिया सैन्य कार्रवाइयों के बाद शुरू हुई। तेल अवीव के अलावा इन हमलों में अल-कुद्स, हाइफा बंदरगाह और बीर शेवा के साथ-साथ नेगेव रेगिस्तान में स्थित रणनीतिक ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है।

प्रेस टीवी के अनुसार, इस क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी चौकियों को भी कड़े जवाबी हमलों का सामना करना पड़ा है। कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और सऊदी अरब में स्थित ठिकानों पर इन हमलों के असर की खबरें मिली हैं।