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2 भारतीय और 1 पाकिस्तानी जहाज्स ने पार किया हॉर्मुज जलसंधि

2 Indian, 1 Pakistani ships cross Strait of Hormuz

मुंबई, महाराष्ट्र | 27 अप्रैल 2024

हाल ही में दो और एलपीजी कैरियर, जो कि सार्वजनिक स्वामित्व वाली स्टेट शिपिंग कॉर्पोरेशन (SCI) के हैं, ने हॉर्मुज जलसंधि को पार कर लिया है और अपना माल भारत में खालियों में उतार दिया है। यह घटना समुद्री और ऊर्जा क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता और रणनीतिक महत्व को दर्शाती है।

हॉर्मुज जलसंधि विश्व का एक प्रमुख समुद्री मार्ग है, जहां से अरब की खाड़ी की अधिकांश ऊर्जा आपूर्ति होकर निकलती है। इस जलसंधि का पार होना तटीय और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होता है। पिछली रिपोर्टों के अनुसार, एक पाकिस्तानी जहाज भी इसी मार्ग से गुजर चुका है, जो क्षेत्र में राजनीतिक और सामरिक मायनों को भी प्रभावित करता है।

स्टेट शिपिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रवक्ता ने बताया कि उनके दो एलपीजी कैरियरों ने सफलता के साथ हॉर्मुज जलसंधि पार कर भारत के विभिन्न बंदरगाहों पर अपना माल सुरक्षित पहुंचा दिया है। इसका सीधा लाभ घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा तथा देश के ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों में भी मददगार साबित होगा।

कंपनी के अधिकारियों ने यह भी कहा कि यह सफल पारगमन भारत की जलमार्ग सुरक्षा, जहाजों के तकनीकी उन्नयन और बेहतर आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन का परिणाम है। इस प्रकार के घटनाक्रम से भारत की समुद्री ताकत और आर्थिक विकास की तस्वीर उजागर होती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि हॉर्मुज जलसंधि के माध्यम से जहाजों का नियमित रूप से परिचालन क्षेत्रीय राजनीतिक स्थिरता के लिए एक सकारात्मक संकेत है। इसके अलावा, यह भारत और पड़ोसी देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करता है।

यूएन और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों द्वारा भी इस मार्ग की सुरक्षा के लिए नियम और उपाय बढ़ाए गए हैं, जिससे जहाजों का मार्ग सुरक्षित और निर्बाध बना रहे। यह पहल समुद्री हिंसा और आतंकवादी गतिविधियों को नियंत्रित करने में सहायक होगी।

अंत में कहा जा सकता है कि एलपीजी कैरियरों का हॉर्मुज जलसंधि पार करना न सिर्फ ऊर्जा आपूर्ति की निरंतरता को सुनिश्चित करता है, बल्कि भारत की अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग में सक्रिय हिस्सेदारी और सुरक्षा पर विशेष बल देने की रणनीति को भी मजबूत करता है। इससे स्थानीय और क्षेत्रीय दोनों स्तरों पर आर्थिक गतिविधियाँ और व्यापारिक विश्वास बढ़ने की संभावना है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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