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असम टेंडरों में अनियमितताओं को रोकने के लिए CCI ने 17 कंपनियों को दिया कार्यवाही का निर्देश

गुवाहाटी। भारत के कॉम्पीटीशन कमीशन (CCI) ने असम के टेंडर प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धात्मकता बाधित करने वाली 17 कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई 10 अगस्त 2020 को असम के ऑफिस ऑफ द अकाउंटेंट जनरल (ऑडिट) द्वारा की गई शिकायत के आधार पर शुरू की गई थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कुछ कंपनियां असम में चल रहे सरकारी टेंडरों में गठजोड़ करके प्रतिस्पर्धा को सीमित कर रही थीं, जिससे टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष नहीं रह गई थी। इस प्रकार की प्रथाएं न केवल अन्य प्रतिस्पर्धी फर्मों के लिए बाधा उत्पन्न करती हैं, बल्कि सार्वजनिक संसाधनों के अनुचित उपयोग का भी मार्ग प्रशस्त करती हैं।

सीसीआई की जांच में पाया गया कि शिकायत में उल्लिखित फर्मों ने आपस में मिलीभगत करके टेंडर की कीमतों को नियंत्रित किया, जिससे प्रतियोगिता की भावना प्रभावित हुई। आयोग ने स्पष्ट किया कि यह प्रकार की प्रतिस्पर्धा विरोधी गतिविधि न केवल वैधानिक रूप से दंडनीय है, बल्कि देश में व्यापारिक अनुशासन और बाजार की स्वतंत्रता को भी चोट पहुंचाती है।

अधिकारियों ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया में अनुचित और गैरकानूनी प्रकार की गठजोड़ को रोकना बहुत जरूरी है ताकि सभी कंपनियों को समान अवसर मिल सके और सरकारी परियोजनाओं का उचित क्रियान्वयन हो सके। इससे पहले ऐसे कई मामले देखने को मिले हैं जहां प्रतिस्पर्धात्मक प्रक्रिया प्रभावित हुई है, जिससे नकारात्मक आर्थिक प्रभाव पड़ा है।

CCI ने उक्त 17 कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपनी व्यवसायिक गतिविधियों में इस तरह के प्रतिस्पर्धा विरोधी व्यवहार को समाप्त करें और भविष्य में भी इसका पुनरावृत्ति न हो। फर्मों को चेतावनी दी गई है कि यदि वे निर्देशों का पालन नहीं करती हैं तो कानूनी कार्रवाई के तहत कड़ी सजा भुगतनी पड़ सकती है।

इस पूरे मामले को लेकर असम के प्रशासन और संबंधित विभाग ने भी कहा है कि वे टेंडर प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने और प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बनाए रखने के लिए आगामी कदम उठाएंगे। इससे न केवल भ्रष्टाचार में कमी आएगी बल्कि सरकार के संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित होगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के निर्णय और कठोर कार्रवाई से बाजार में स्वच्छ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा, जिससे व्यापारिक माहौल बेहतर होगा और उपभोक्ताओं को भी लाभ पहुंचेगा। इस मामले की सघन जांच और कार्रवाई से अन्य फर्मों के लिए भी एक सख्त सन्देश जाएगा।

इस प्रकार, असम टेंडरों में अनियमितताओं को रोकने की दिशा में यह कदम एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा, जो न केवल प्रतियोगी कंपनियों बल्कि सरकार और आम जनता के हित में है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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