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विदेश सचिव मिस्री ने यू.एस. यात्रा की समाप्ति की घोषणा, परमाणु सहयोग और एलपीजी निर्यात को बढ़ावा देने पर चर्चा

Foreign Secretary Misri wraps up U.S. visit with talks to deepen nuclear ties, explore LPG exports

वाशिंगटन: अमेरिकी राजदूत सर्गेई गोर ने हाल ही में कहा है कि संयुक्त राज्य अमेरिका भारत के साथ नागरिक परमाणु सहयोग के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग के लिए तैयार है। इन क्षेत्रों में कोयला न्यूनीकरण और अमेरिकी एलपीजी निर्यात भी शामिल हैं।

अमेरिका और भारत के बीच आर्थिक और ऊर्जा संबंधों को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सर्गेई गोर ने इस दौरान बताया कि दोनों देशों के बीच आपसी हितों को देखते हुए ऊर्जा सुरक्षा और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना आवश्यक है।

राजदूत गोर ने कहा, “हम भारत के साथ कोयला गैसीकरण, एलपीजी निर्यात तथा नागरिक परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को लेकर गंभीर हैं। यह सहयोग न केवल ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाएगा, बल्कि आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

भारत और अमेरिका दोनों की अर्थव्यवस्थाएं तेजी से बढ़ रही हैं और ऊर्जा की मांग भी लगातार बढ़ रही है। इस मांग को पूरा करने के लिए स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा स्रोतों का विकास आवश्यक है। कोयला गैसीकरण जैसी तकनीकें भारत को प्रदूषण कम करने और ऊर्जा उत्पादन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेंगी।

इसके अतिरिक्त, अमेरिकी एलपीजी निर्यात भारत के ऊर्जा सेक्टर को आवश्यक ईंधन उपलब्ध कराकर घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगा। भारत सरकार ने भी एलपीजी वितरण को बढ़ाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन की पहुंच बढ़ सके।

यह सहयोग दोनों देशों के रणनीतिक और आर्थिक हितों को पूरा करने में सहायक साबित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल से न केवल ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव आएगा, बल्कि संयुक्त राष्ट्र के स्थायी विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी।

इस प्रकार, अमेरिकी राजदूत सर्गेई गोर के बयान से यह स्पष्ट होता है कि भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग को नई उचाईयों पर ले जाने के लिए दोनों पक्ष सक्रिय हैं और भविष्य में यह साझेदारी और मजबूत होगी।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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