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टाटा संस चेयरमैन ने नासिक की घटना को बताया परेशान करने वाला: वरिष्ठ अधिकारियों से कराई जा रही जांच

टाटा सन्स चेयरमैन बोले- नासिक की घटना परेशान करने वाली:सीनियर अफसर से जांच करा रहे, TCS कैंपस में यौन उत्पीड़न, जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप हैं

नासिक। टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने महाराष्ट्र के नासिक में स्थित TCS कार्यालय में सामने आए यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों को बेहद परेशान करने वाला बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

रविवार को पहली बार कंपनी की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए कहा गया था कि TCS में किसी भी तरह के उत्पीड़न के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनायी गई है। इस नीति के तहत जैसे ही इस मामले की जानकारी मिली, तुरंत संबंधित कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया।

इस विवादास्पद मामले में आठ महिला कर्मचारियों ने नासिक स्थित इस आईटी कंपनी में यौन उत्पीड़न के साथ-साथ जबरन धर्म परिवर्तन के भी आरोप लगाए हैं। इसके मद्देनजर पुलिस ने कंपनी के मुस्लिम टीम लीडर्स और HR मैनेजर समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, इन महिलाओं ने बताया कि उनके वरिष्ठ सहकर्मियों ने मानसिक और यौन उत्पीड़न के साथ-साथ धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि HR विभाग ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया।

इस मामले की जांच के लिए सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो घटना के हर पहलू की पड़ताल कर रहा है। पुलिस ने अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कंपनी की महिला HR मैनेजर भी शामिल है।

इस घटनाक्रम ने नासिक की आईटी कंपनी के कामकाज और कार्यस्थल सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। TCS ने भी इस घटना के बाद अपने आंतरिक प्रक्रियाओं की समीक्षा शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।

विशेष रूप से यह मामला तब उभर कर आया जब हिंदू महिला कर्मचारियों ने ना केवल यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया बल्कि कार्यालय परिसर में जबरन नमाज पढ़ने, हिंदू देवी-देवताओं का अपमान और धर्म परिवर्तन की धमकियों की भी बात कही। इस पर स्थानीय हिंदू संगठनों ने भी कंपनी कैंपस में विरोध प्रदर्शन किया।

सूत्रों के अनुसार, कंपनी का प्रबंधन सभी आरोपों को गंभीरता से ले रहा है और पूरी जांच में सहयोग कर रहा है। साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया है कि जो कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

टाटा संस चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बताया, “यह घटना हमारे संगठन के लिए बेहद चिंता का विषय है। हम पूरी पारदर्शिता के साथ मामले की जांच कर रहे हैं और दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाएंगे। हमारा लक्ष्य एक सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करना है।”

यह मामला कार्यस्थल में शोषण और धर्म स्वतंत्रता के उल्लंघन को लेकर देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को सुरक्षित माहौल प्रदान करना बेहद आवश्यक है।

अभी मामले की जांच चल रही है और पुलिस तथा SIT द्वारा जुटाई जा रही जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। कंपनी के HR विभाग की भी इस मामले में भूमिका की समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

इस घटना ने पूरे देश में कार्यस्थल सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की अहमियत को एक बार फिर उजागर किया है। सभी की निगाहें अब जांच रिपोर्ट पर लगी हैं ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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