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रिटेल महंगाई मार्च में 3.4% तक पहुंची: खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का प्रभाव; सरकार ने देश में गैस की कमी से किया इनकार

रिटेल महंगाई मार्च में बढ़कर 3.4% हुई:खाने-पीने की चीजें महंगी होने का असर; सरकार बोली- देश में गैस की कोई कमी नहीं

नई दिल्ली, 13 अप्रैल: मार्च माह में देश की रिटेल महंगाई दर बढ़कर 3.4% हो गई है, जो फरवरी में दर्ज 3.21% से अधिक है। यह आंकड़ा भारतीय अर्थव्यवस्था में महंगाई के बढ़ते दबाव को दर्शाता है, खासकर खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में हो रही वृद्धि के कारण। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, खाद्य वस्तुओं की महंगाई इस उछाल के प्रमुख कारणों में से एक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय मध्य पूर्वी देशों के बीच तनाव और इजराइल-अमेरिका एवं ईरान के बीच बढ़ती जंग के कारण वैश्विक ऊर्जा और कच्चे माल की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इन परिस्थितियों ने घरेलू बाजार में महंगाई को और बढ़ावा दिया है।

रूस से तेल आयात में भी मार्च में इजाफा हुआ है, जो 19 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है। यह दो साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा आंकड़ा है। मिडिल ईस्ट तनाव के कारण भारत ने ईरान के बजाय रूस से तेल की खरीदारी बढ़ाई है ताकि अपने ऊर्जा स्रोतों को सुनिश्चित किया जा सके। पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह भी बताया कि देश की गैस उपलब्धता पूरी तरह से सामान्य और पर्याप्त है। सरकार ने लोगों से कहा है कि वे पैनिक बाइंग से बचें और भरोसा रखें कि LPG सप्लाई में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।

बाजार के जानकारों का कहना है कि यदि मध्य पूर्वी तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो आने वाले महीनों में महंगाई दर में और वृद्धि हो सकती है। वहीं, सरकार ने आवश्यक वस्तुओं की निरंतर उपलब्धता और मूल्य नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाए हैं ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

अंत में, यह स्पष्ट है कि वैश्विक युद्ध एवं भू-राजनीतिक तनाव ने घरेलू अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डाला है, जिसकी वजह से रिटेल महंगाई में वृद्धि हुई है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जा रही है कि वे अनावश्यक घरेलू खर्चों में बचत करें और बाजार की स्थिति पर नजर बनाएं रखें।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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