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“खबर का असर”: अब रोजगार सहायकों के नियमित वेतन भुगतान पर सरकारी फरमान

प्रदेश सरकार का ऐतिहासिक कदम: ग्राम रोजगार सहायकों के लिए मानदेय भुगतान को नियमित बनाने का निर्णय

शहडोल। विनय मिश्रा की रिपोर्ट

मप्र में सचिव,,रोजगार सहायक और मोहलाइजरो के नियमित वेतन भुगतान की संकट को लेकर( “दिव्यकीर्ति न्यूज”)हमने मंगलवार को एक आर्टिकल प्रकाशित किया था हमारे इस आर्टिकल पर मप्र सरकार की पहल हुई है जिसमें मप्र सरकार ने संज्ञान लेते हुए अब रोजगार सहायकों के वेतन भुगतान को नियमित करने का सकारात्मक कदम उठाया है जिसको पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा मंजूरी भी दी गई है।

आर्टिकल जो कल प्रकाशित हुआ था….

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मप्र में सचिव, रोजगार सहायक और मोबलाइजर वेतन पर संकट, सालों से वेतन पर लगा फफूँद

प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिससे ग्राम रोजगार सहायकों को अब नियमित और समय पर उनका मानदेय मिल सकेगा। मार्च से मई 2026 तक के लिए एक विशेष आवंटन जारी कर, सरकार ने सुनिश्चित किया है कि किसी भी प्रकार की देरी या रुकावट के बिना, उनके मानदेय का भुगतान किया जाए।

 


ग्राम रोजगार सहायकों का कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, और उनकी मेहनत का सही मूल्य मिलना जरूरी था। पहले, मानदेय भुगतान में अक्सर देरी होती थी, जिससे उनके काम में रुकावट आती थी। अब इस नए निर्णय से उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, और उनका मनोबल भी बढ़ेगा।
आपको बता दें कि रोजगार सहायकों के बिना ग्रामीण विकास योजनाओं का सही से क्रियान्वयन संभव नहीं है। ये कर्मचारी गांवों में मनरेगा जैसे अहम कार्यक्रमों को लागू करने और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। अब उन्हें नियमित मानदेय मिलने से वे और अधिक प्रेरित होकर अपने कार्य को पूरा करेंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में समग्र विकास की गति तेज होगी।
मप्र के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय प्रह्लाद सिंह पटेल ने सरकार की एक अनुसंशा पत्र को स्वयं अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट करते हुए इस जानकारी को साझा किया है और बोले “यह कदम हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि हम ग्राम रोजगार सहायकों के योगदान को पहचानते हैं। अब उन्हें उनका हक समय पर मिलेगा, जिससे वे अपनी जिम्मेदारियों को और अच्छे से निभा सकेंगे।”
इस पर कुछ ग्राम रोजगार सहायकों की प्रतिक्रिया ली गई ग्राम रोजगार सहायकों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनके लिए एक राहत है। एक सहायक ने कहा, “अब हम बिना किसी चिंता के अपने काम में पूरी निष्ठा से जुट सकते हैं। सरकार ने यह बड़ा कदम उठाकर हमारे लिए नए रास्ते खोले हैं।”

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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