दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

अडाणी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने: होर्मुज रूट खुलने के बाद कच्चे तेल के दाम 13% गिरावट, सोना ₹1451 और चांदी ₹1352 सस्ता

अडाणी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने:होर्मुज रूट खुलने के बाद कच्चे तेल के दाम 13% गिरे; सोना ₹1451 और चांदी ₹1352 सस्ता

गौतम अडाणी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं, यह खबर भारतीय और वैश्विक वित्तीय बाजारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के अनुसार, अडाणी की नेटवर्थ अब 92.6 अरब डॉलर यानी करीब 8.59 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। इससे पहले यह स्थान रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी के नाम था, जिनकी नेटवर्थ 90.8 अरब डॉलर यानी लगभग 8.42 लाख करोड़ रुपए बताई गई है।

हाल ही में ईरान के होर्मुज जलसन्धि मार्ग को कॉमर्शियल जहाजों के लिए पूरी तरह खोलने का ऐलान किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप कच्चे तेल की कीमतों में 13% की उल्लेखनीय गिरावट देखी गई। शुक्रवार, 17 अप्रैल को कच्चे तेल का भाव लगभग 13 डॉलर घटकर 86 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि इससे एक दिन पहले इसकी कीमत 99.39 डॉलर प्रति बैरल थी। इस गिरावट के पीछे युद्ध के कारण लंबे समय से उच्च स्तर पर बनी कीमतों में स्थिरता आने की संभावना है।

सोने एवं चांदी के दामों में भी गिरावट दर्ज हुई है। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,451 रुपए घटकर अब 1.52 लाख रुपए प्रति दस ग्राम हो गया है, जबकि एक किलो चांदी की कीमत 1,352 रुपए घटकर 2.50 लाख रुपए पर पहुंच गई है। यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच आश्चर्यजनक रूप से आई है।

इसके साथ ही, सरकार ने देश के 15 प्रमुख बैंकों को सोना और चांदी के आयात का नया लाइसेंस प्रदान किया है, जिसमें SBI, PNB और HDFC बैंक शामिल हैं। यह मंजूरी 31 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगी, जिससे देश में कीमती धातुओं की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आएगी।

इन सब घटनाओं के बीच, फूड डिलीवरी एप्स जैसे जोमैटो और स्विगी की प्लेटफॉर्म फीस में भारी वृद्धि हुई है, जिससे उपभोक्ता ऑनलाइन ऑर्डर पर अनजाने में अतिरिक्त खर्च कर रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में यह फीस लगभग 9 गुना बढ़ी है, और इससे प्रति माह हजारों रुपये का बोझ ग्राहकों पर पड़ रहा है।

इस प्रकार, वैश्विक और स्थानीय आर्थिक कारकों का प्रभाव अब स्पष्ट रुप से वित्तीय बाजारों और व्यक्तिगत निवेशकों पर दिख रहा है। अडाणी की बढ़ती संपत्ति, कच्चे तेल और कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव, और ऑनलाइन सर्विसेज का महंगा होना, इन सबका संयुक्त असर उपभोक्ता और अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण होगा।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!