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JMS की तानाशाही के आगे मजदूर हुए नतमस्तक, बिना एलपीसी के हो रहा भुगतान

मजदूरों का पेट काटकर jms भर रही अपनी जेब

शिकवा शिकायतों का दौर जारी
बिना भुगतान lPC जारी

ड्यूटी के दौरान हाजरी काटने की धमकी

शहडोल।

 

SECL सोहागपुर क्षेत्र के बंगवार भूमिगत खदान में क्षेत्रीय मजदूरों के साथ हो रहे शोषण का मामला सामने आया है जहाँ मजदूरों को पूर्ण भुगतान न करके एक तिहाई हिस्सा वेतन दिया जाता है बाकी वेतन ठेकेदार व कम्पनी प्रवन्धक की जेबो में भरा जाता है। मजदूरों का कहना है कि JMS ठेकेदार के द्वारा उनकी मजदूरी के साथ धोखाधड़ी की जा रही है। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें 1249 रुपये के निर्धारित रेट पर भुगतान करने के बजाय, केवल 650 रुपये ही उनके खातों में भेजे जाते हैं और फिर उन्हें बिना किसी कारण के यह राशि वापस लेने के लिए मजबूर किया जाता है।
इसके अलावा, अगर मजदूर यह राशि वापस नहीं करते हैं, तो उनकी ड्यूटी बंद कर दिया जाता है, जिससे उनके रोजगार उपस्थित में दिक्कतें तो होती ही है बल्कि जीवन यापन में भी कठिनाइयां पैदा होती है । मजदूरों ने SECL महाप्रबंधक से इस मुद्दे पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि अगर उनके साथ हो रहे इस अन्याय को जल्द न रोका गया, तो वे 28 दिनों के भीतर उग्र आंदोलन की शुरुआत करेंगे।

मजदूरों की मांग..

मजदूरों ने अपने हक और आवाज को आगाज करते हुए लिखा है कि..
●पुराने कर्मचारियों को किसी भी स्थिति में बाहर नहीं किया जाए।
●जिन मजदूरों से पैसे वापस लिए गए हैं, वे पैसे वापस किए जाएं।
●मजदूरों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
●ड्यूटी का समय 12 घंटे से घटाकर 8 घंटे किया जाए।
●26 दिन की ड्यूटी के हिसाब से मजदूरी दी जाए।
●बोनस और पीएफ प्रदान किया जाए।
साप्ताहिक छुट्टियां cl प्रदान की जाएं।
●अब तक जो पैसा मजदूरी खाते से वापस लिया गया है, वह मजदूरों को वापस किया जाए और ठेकेदार व कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।

माँगे पूर्ण नही हुई तो होगा आंदोलन

मजदूरों का कहना है कि अगर उनकी मांगों को आगामी दिनों में पूरा नहीं किया जाता, तो वे सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ेंगे । उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस पर कोई ठोस कदम नही उठाते तो इसकी समस्त जिम्मेदारी SECL महाप्रबंधक की होगी मजदूरों का आरोप है कि यह शोषण कई महीनों से चल रहा है, और ठेकेदार तथा SECL प्रबंधन इसके प्रति अनदेखा कर रहे हैं। इस मामले में कोई कार्रवाई न होने पर मजदूरों ने आंदोलन की चेतावनी दी है, जिससे स्थानीय प्रशासन और SECL प्रबंधन के लिए एक गंभीर चुनौती उत्पन्न हो सकती है।
SECL महाप्रबंधक से इस मामले पर प्रतिक्रिया लेने के प्रयास किए गए, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नही दिया आया है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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