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भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन, वाइन-कीवीफ्रूट समेत सामान होंगे सस्ते; 5000 भारतीयों को मिलेगा वर्किंग वीजा

भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ:देश में अब न्यूजीलैंड की वाइन-कीवीफ्रूट जैसे सामान सस्ते होंगे; 5000 भारतीयों को वर्किंग वीजा मिलेगा

नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच सोमवार, 27 अप्रैल 2024 को एक महत्वपूर्ण फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर हो गया है। इस समझौते के तहत भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक, और इंजीनियरिंग गुड्स पर एक्सपोर्ट ड्यूटी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। यह कदम भारत के श्रम-प्रधान क्षेत्रों को नए अवसर प्रदान करेगा और निर्यात को बढ़ावा देगा।

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इस FTA को एक पीढ़ी में एक बार होने वाला महत्वपूर्ण समझौता बताया है। वहीं, भारत के मंत्री ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, पीयूष गोयल ने इसे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत करार दिया। उन्होंने कहा कि यह समझौता विश्वास, साझा मूल्यों और टिकाऊ आर्थिक विकास के साझा मिशन को दर्शाता है। साथ ही, यह भारत के लिए ओशिनिया और प्रशांत द्वीपीय बाजारों तक पहुंचने का एक मजबूत गेटवे भी होगा।

इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत न्यूजीलैंड अगले 15 वर्षों में भारत में लगभग ₹1.8 लाख करोड़ निवेश करेगा। इसके साथ ही, छह क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे, खासकर सेवा क्षेत्र में जिसमें आईटी, शिक्षा, फाइनेंशियल सर्विसेज, कंस्ट्रक्शन और टूरिज्म शामिल हैं। समझौते के एक हिस्से के रूप में, आयुष, योगा इंस्ट्रक्टर्स, भारतीय शेफ और म्यूजिक टीचर्स के लिए भी रोजगार के रास्ते खोल दिए गए हैं।

FTA में ‘टेम्परेरी एम्प्लॉयमेंट एंट्री वीजा’ नामक नया स्वरूप भी पेश किया गया है। इसके अंतर्गत हर साल 5,000 भारतीय कुशल प्रोफेशनल्स को न्यूजीलैंड में तीन वर्षों तक वर्किंग वीजा मिलने का मौका मिलेगा। यह शुरुआत खासतौर पर इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर और शिक्षा क्षेत्र में रोजगार बढ़ाएगी।

कृषि सामानों की बात करें तो, भारतीय वाइन और स्पिरिट्स को न्यूजीलैंड में ड्यूटी फ्री एक्सेस मिलेगा, जिससे इनके निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। वहीं, न्यूजीलैंड को भारतीय बाजारों में सेब, कीवीफ्रूट, मनुका हनी जैसे कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ में छूट दी गई है। हालांकि ये छूट कोटा लिमिट और मिनिमम इम्पोर्ट प्राइस शर्तों के तहत होगी।

इसके अलावा, न्यूजीलैंड के लगभग 54% निर्यात पर भारत ने पूरी तरह से ड्यूटी खत्म कर दी है, जिनमें शीप मीट, ऊन, कोयला और फॉरेस्ट्री प्रोडक्ट्स शामिल हैं। धीरे-धीरे अगले 10 वर्षों में सीफूड, आयरन, स्टील और एल्युमीनियम स्क्रैप जैसे उत्पादों पर भी टैरिफ कम किया जाएगा।

भारत ने डेयरी उत्पादों जैसे दूध, क्रीम, पनीर, प्याज, दालें, चीनी, हथियार एवं कुछ संवेदनशील धातुओं को रियायतों की लिस्ट से बाहर रखा है ताकि घरेलू हितों की रक्षा हो सके।

इस समझौते की चर्चा वर्ष 2010 में शुरू हुई थी और इसके निर्णायक दौर तक पहुंचने में लगभग 15 साल लग गए। यह FTA भारत और न्यूजीलैंड की साझेदारी को नए स्तर पर ले जाएगा और व्यापारिक, आर्थिक व सांस्कृतिक क्षितिजों का विस्तार करेगा।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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