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तमिलनाडु पुलिस साइबर गुलामी दबाव के तहत दक्शिण-पूर्व एशिया से लौटने वालों पर नजर

Tamil Nadu police track returnees from Southeast Asia in cyber slavery crackdown

तमिलनाडु पुलिस ने साइबर गुलामी और मानव तस्करी के मामलों में बढ़ते खतरे को देखते हुए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस ने दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ देशों से लौटे व्यक्तियों पर विशेष नजरदारी शुरू की है ताकि उनके बारे में वास्तविक जानकारी जुटाई जा सके और इस जाल में फंसे पीड़ितों की सही स्थिति का पता लगाया जा सके।

विशेष रूप से लाओस, कंबोडिया और म्यांमार में स्थापित ठगी के परिसरों में फंसे हुए पीड़ितों के बारे में खुफिया एकत्र करने का उद्देश्य है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन देशों में कई भारतीय नागरिक विशेषकर तमिलनाडु के लोग साइबर ठगी और जबरन श्रम जैसी अपराधों के शिकार हो रहे हैं, जिनके कारण न केवल उनके जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है बल्कि इनके परिवार भी संकट में हैं।

तमिलनाडु के पुलिस आयुक्त ने बताया कि इन मामलों में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है क्योंकि प्रभावित व्यक्तियों ने विभिन्न ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से अपनी परेशानियों के संकेत दिए हैं। उनकी वापसी की जांच करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि तकनीकी और जासूसी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए प्रभावी ढंग से पीड़ितों की स्थिति का पता लगाया जाएगा।

पुलिस के अनुसार, दक्षिण-पूर्व एशिया के इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर संचालित ठगी के नेटवर्क लगातार सक्रिय हैं जो युवाओं को साइबर गुलामी में फंसाते हैं। यह नेटवर्क रोजगार के झांसे में लोगों को फंसाकर, उनके परिवारों से रिश्वत वसूलते हैं। पुलिस ने स्थानीय प्रशासन और केंद्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर ट्रैकिंग और रिस्क को कम करने के लिए कोऑर्डिनेटेड ऑपरेशन शुरू किया है।

पिछले कुछ महीनों में तमिलनाडु पुलिस ने कई ऐसे व्यक्तियों को हिरासत में लिया है जो कथित तौर पर वापस लौटकर पुलिस को ठगी के मामलों की जानकारी दे रहे हैं और जिनके जरिए अपराधियों के ठिकानों की पहचान हो रही है। इसके साथ ही, जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं ताकि युवाओं को साइबर तस्करी के खतरे से अवगत कराया जा सके।

अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे इस प्रकार के साइबर जालों से सावधान रहें और यदि किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। साथ ही, विदेश यात्रा करते समय भी जागरूक रहने और सुरक्षित रहने की सलाह दी गई है।

इस तरह की प्रभावी पुलिस कार्रवाई और सामुदायिक सहयोग से उम्मीद जताई जा रही है कि तमिलनाडु से जुड़े साइबर गुलामी के मामलों में कमी आएगी और प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस की इस पहल को सराहा जा रहा है जो सुरक्षित समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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