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मेरा बस इतना ही मकसद है कि मैं जितना हो सके मदद कर सकूं – ग्रीलिश

All I want to do is help as much as I can - Grealish

लंदन। इंग्लैंड के मध्यfielder जैक ग्रीलिश ने हाल ही में जो विल्सन से बातचीत में अपने स्पेशल Олим्पिक्स जीबी एम्बेसडर की भूमिका को बढ़ाने के महत्व पर चर्चा की। यह जिम्मेदारी ग्रीलिश के लिए केवल एक पद नहीं बल्कि एक व्यक्तिगत मिशन बन चुकी है।

ग्रीलिश ने कहा कि स्पेशल Олим्पिक्स जैसी संस्था के साथ जुड़ना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि यह पहल उन्हें उन लोगों के करीब लाती है जिन्हें समाज में अक्सर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जाता। जैक ने विशेषकर उन खिलाडि़यों के उत्साह और समर्पण की प्रशंसा की जो अपनी सीमाओं को पार कर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

स्पेशल Олим्पिक्स के प्रति ग्रीलिश की प्रतिबद्धता सिर्फ उस समय की बात नहीं थी, जब उन्होंने एम्बेसडर की भूमिका ग्रहण की थी, बल्कि अब यह उनकी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुका है। उन्होंने कहा, “मुझे अपनी भूमिका के माध्यम से जो खुशी और संतोष मिलता है, वह शब्दों में बयान करना मुश्किल है। मैं चाहता हूं कि और अधिक लोग इस पहल से जुड़ें और इसे आगे बढ़ाएँ।”

स्पेशल Олим्पिक्स GB के अधिकारियों ने भी ग्रीलिश के इस समर्पण की तारीफ की है। संगठन का मानना है कि जैक जैसी लोकप्रिय और प्रभावशाली हस्ती की भागीदारी लोगों को स्पेशल ओलिंपिक में भाग लेने के लिए प्रेरित करती है और समाज में समावेशिता को बढ़ावा देती है।

ग्रीलिश ने बताया कि उनकी यह भूमिका उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी बदल रही है। उन्होंने कहा, “हर बार जब मैं स्पेशल ओलंपिक्स के खिलाड़ियों के साथ समय बिताता हूं, तो मुझे उनकी इच्छाशक्ति, मेहनत और उत्साह देखकर अपने जीवन के कई पहलुओं पर पुनर्विचार करने का मौका मिलता है।”

इस बातचीत में उन्होंने यह भी ज़ोर दिया कि समाज में सभी को बराबरी का अवसर मिलना चाहिए और हर किसी को अपनी क्षमताओं को पहचानने और निखारने का मौका दिया जाना चाहिए। स्पेशल Олим्पिक्स के माध्यम से, वह इस संदेश को फैलाना चाहते हैं कि कोई भी अपने सपनों को जीने से पहले कभी हार न माने।

जैक ग्रीलिश की यह पहल न केवल खेल जगत में बल्कि समाज के हर हिस्से में प्रेरणा का स्रोत बनी है। ऐसे प्रतिबद्ध एथलीट समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका मानना है कि हर एक व्यक्ति चाहे किसी भी परिस्थिति में हो, कुछ न कुछ ऐसा कर सकता है जो दूसरों के लिए प्रेरणा बन जाए।

ग्रीलिश की इस भूमिका के विस्तार पर स्पेशल Олим्पिक्स GB ने एक बयान भी जारी किया है जिसमें उन्होंने खिलाड़ी के समर्पण और प्रभाव को सराहा है। यह साफ है कि ग्रीलिश की यह पहल आने वाले वर्षों में भी जारी रहेगी और वे स्पेशल ओलंपिक्स के संदेश को और व्यापक स्तर पर पहुंचाने की कोशिश करेंगे।

समापन में, जैक ग्रीलिश ने कहा, “मेरा मकसद सिर्फ खेल में अच्छा प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि समाज में ऐसे बदलाव लाना है जिससे हर किसी को समान अवसर मिले। स्पेशल ऑलिंपिक्स में मेरी भूमिका इसी उद्देश्य की राह में एक कदम है।”

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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