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हर्षित दर्शन संख्यां: कैनवास पर पहाड़ों की शांति और एकांत को समेटती कला

Hari Darshan Sankhya captures the silence and solitude of the mountains on canvas

वाराणसी, 26 अप्रैल: भारतीय कला जगत में एक अनूठा अनुभव लेकर आए कलाकार हर्षित दर्शन ने वाराणसी में अपनी नई प्रदर्शनी का आयोजन किया। इस प्रदर्शनी में उन्होंने 108 पेंटिंग्स की श्रृंखला में से 21 चित्र प्रस्तुत किए, जिन्हें उन्होंने पिछले तीन वर्षों में हिमालय की यात्रा और गहन अध्ययन के दौरान तैयार किया है।

हिमालय की विविधता, उसकी शांतिपूर्ण वातावरण और प्रकृति की अनमोल छवियों को कैनवास पर उकेरने वाले हर्षित दर्शन की ये पेंटिंग्स कला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए उन्होंने वर्षों मेहनत की है और प्रत्येक चित्र में हिमालय की आत्मा को पकड़ने का प्रयास किया है।

प्रदर्शनी में मौजूद दर्शकों ने हिमालय की कल्पना से हटकर असली प्रकृति को महसूस करने का मौका पाया। कलाकार ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्होंने न केवल पर्वतों की प्राकृतिक सुंदरता देखी बल्कि वहां के निवासियों से भी गहन संपर्क में आए। यही अनुभव उनकी कलाकृतियों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

इस प्रदर्शनी का उद्देश्य हिमालय की संरक्षण आवश्यकताओं और उसके पर्यावरणीय महत्व को भी उजागर करना है। दर्शकों को प्रकृति के प्रति जागरूक करने की कोशिश इस परियोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

वाराणसी के प्रमुख कला आलोचकों ने हर्षित दर्शन की इस कृति को सराहा और उन्हें कहा कि उनके चित्र भारतीय कला इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाएंगे। प्रदर्शनी 30 अप्रैल तक जारी रहेगी और स्थानीय कला प्रेमियों से लेकर पर्यटक भी इसे देखने के लिए आ रहे हैं।

इस अनूठी प्रदर्शनी के माध्यम से, हर्षित दर्शन ने साबित कर दिया है कि कला केवल सौंदर्य का माध्यम ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक संवेदनाओं और पर्यावरणीय चेतना का भी सशक्त जरिया बन सकती है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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