दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

कान 2026: नेपाल की फिल्म ‘एलेफैंट्स इन द फॉग’ ने इतिहास रचा, जीता अन सर्टेन रगार्ड जूरी पुरस्कार

Cannes 2026: Nepal’s ‘Elephants in the Fog’ creates history, wins Un Certain Regard Jury Prize

कान, फ्रांस। 2026 के कान फिल्म फेस्टिवल में नेपाल की पहली बार एक प्रतिनिधित्व फिल्म ने बड़ा मुकाम हासिल किया है। अभिनंदन और निर्देशित अभिनाश विक्रम शाह की फीचर डेब्यू फिल्म ‘एलेफैंट्स इन द फॉग’ ने अन सर्टेन रगार्ड सेक्शन में सुनहरा इतिहास रचते हुए जूरी पुरस्कार जीता है। यह फिल्म न केवल नेपाल की पहली प्रविष्टि थी बल्कि इस वर्ग में चुनी गई पहली नेपाली फिल्म भी बनी।

अन सर्टेन रगार्ड का सेगमेंट मुख्य प्रतियोगिता के साथ चलता है और यह उन उभरते हुए फिल्मकारों तथा उनके अनोखे और प्रभावशाली कहानी कहने के अंदाज़ को सामने लाने का काम करता है। इस पोर्टफोलियो में वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित और नवीन दृष्टिकोण वाली फिल्मों को प्रदर्शित किया जाता है। पिछले साल इस सेगमेंट ने कई प्रतिभाशाली निर्देशक और उनकी लेखनी को पहचान दिलाई है।

‘एलेफैंट्स इन द फॉग’ की कहानी सामाजिक और पारिवारिक जटिलताओं को गहराई से दर्शाती है। इसमें नेपाल की सांस्कृतिक और मानवीय संवेदनाओं को बड़े ही सूक्ष्म अंदाज में पेश किया गया है। अभिनाश विक्रम शाह की निर्देशन में यह फिल्म स्थानीय अनुभवों और वैश्विक भाषा का एक उत्कृष्ट मेल है, जिसने दर्शकों और निर्णायकों दोनों को प्रभावित किया है।

कान फिल्म फेस्टिवल में इस पुरस्कार ने नेपाल के फिल्म उद्योग को एक नई पहचान दी है। पिछले कुछ वर्षों में नेपाल की फिल्मों ने अपनी विशिष्टता और गुणवत्ता से अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है और यह पुरस्कार उस सफर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नेपाल के सिनेमा जगत के लिए यह एक प्रेरणा भी है कि वे अपने स्थानीय कहानियों को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करें।

अभिनाश विक्रम शाह ने पुरस्कार प्राप्ति के बाद कहा, “यह मेरे लिए गर्व का क्षण है और मैं अपने पूरे क्रू और नेपाल के दर्शकों का धन्यवाद करता हूँ। हमारी फिल्म की कहानी को दुनियाभर के लोगों तक पहुंचाना और उनके साथ साझा करना एक सपने जैसा है।”

फिल्म मेकर और फिल्म प्रेमी अब गौरवान्वित महसूस कर सकते हैं कि नेपाली सिनेमा अब विश्व सिनेमा के मानचित्र पर अपनी जगह बना रहा है। ऐसे वैश्विक समारोहों में सफलताएं स्थानीय कहानियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्टता से प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करती हैं और आने वाले वर्षों में और अधिक नेपाली फिल्मों के अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान पाने की उम्मीद बढ़ाती हैं।

Source

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!