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हमारे ग्रिड सिस्टम की मजबूती कितनी है

How resilient is our grid system?

भारत सरकार ने हाल ही में जोर देकर कहा है कि देश की बिजली प्रणाली मजबूत है और पीक डिमांड को पूरा किया जा रहा है। हालांकि, इस दावे के बीच लगातार बिजली कटौती की खबरें सामने आ रही हैं, जो इस तर्क पर कई सवाल उठाती हैं। शुक्रवार को पीक पॉवर डिफिसिट लगभग 1.7 गीगावाट का था, जो बिजली की कमी का एक महत्वपूर्ण संकेत है।

सरकार का मानना है कि बिजली उत्पादन और आपूर्ति की स्थिति बेहतर हो रही है। उन्होंने कहा है कि विद्युत ग्रिड की प्रतिक्रिया क्षमता और मांग प्रबंधन प्रणाली से देश की बिजली प्रणाली में सुधार हुआ है। लेकिन, यह तथ्य कि कई क्षेत्रों में बिजली कटौती हो रही है, इस दावे से मेल नहीं खाता।

विशेषज्ञ कहते हैं कि जबकि आधिकारिक आंकड़े पॉवर डिफिसिट को कम दिखा सकते हैं, वास्तविकता में बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन बना हुआ है। शुक्रवार को लगभग 1.7 गीगावाट की पीक डिफिसिट का अर्थ है कि बिजली की जरूरतों की तुलना में उत्पादन कम था, जिससे बिजली काटने की आवश्यकता पड़ी।

उद्योग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि बिजली की सप्लाई में व्यवधान का असर छोटे और बड़े दोनों व्यवसायों पर पड़ा है। इसके परिणामस्वरूप उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। साथ ही, घरेलू उपभोक्ताओं को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

विद्युत विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बिजली कटौती को कम करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। पावर ग्रिड की स्थिति बेहतर करने के लिए नए तकनीकी उपाय और नवीनीकृत ऊर्जा स्रोतों का समावेश किया जा रहा है। इसके साथ ही, मांग के अनुसार आपूर्ति के संतुलन को बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है।

विश्लेषकों का मानना है कि भारत की बिजली प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने के लिए बेहतर योजना और निवेश की आवश्यकता है। केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि बिजली की गुणवत्ता और वितरण तंत्र को भी उन्नत करना होगा ताकि बिजली कटौती जैसी समस्याएं समाप्त हों।

अंततः, सरकार के दावों और वास्तविकता के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है ताकि देश की बिजली प्रणाली को स्थिरता और विश्वसनीयता मिल सके। आम जनता एवं उद्योगों के लिए निरंतर और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना ही देश की प्रगति का आधार है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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