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गर्मी से बचाव: हीटस्ट्रोक को कैसे रोकें

Beat the heat: How to prevent Heatstroke

गर्मी का मौसम अपने साथ कई खतरे लेकर आता है, जिनमें से हीटस्ट्रोक सबसे गंभीर है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, शरीर का तापमान नियंत्रित रहना मुश्किल हो जाता है, जिससे हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। यह स्थिति सिरदर्द, उल्टी, बेहोशी और गंभीर मामलों में जीवन के लिए खतरा भी पैदा कर सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, हीटस्ट्रोक से बचाव के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए, जो गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। स्कूलों और अभिभावकों को इस विषय में जागरूक रहना चाहिए, ताकि वे अपने बच्चों को गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचा सकें।

हीटस्ट्रोक के कारण

गर्मी के प्रभाव से शरीर में गर्मी का संचित होना और पसीने के माध्यम से उसका निकलना कम हो जाना हीटस्ट्रोक के मुख्य कारण हैं। जब शरीर का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाता है, तो यह एक मेडिकल इमरजेंसी बन जाती है। तेज धूप में बिना पर्याप्त जलपान के रहना, भारी शारीरिक श्रम करना, और बंद कमरे में अधिक समय बिताना भी इस समस्या को बढ़ा सकता है।

हीटस्ट्रोक से बचाव के उपाय

  • दिन के सबसे गर्म समय (दोपहर 12 से 4 बजे) में बाहर निकलने से बचें।
  • हल्के और ढीले कपड़े पहनें जो शरीर को ठंडा रखने में मदद करें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। निर्जलीकरण से बचना जरूरी है।
  • यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो छाता या टोपी का प्रयोग करें।
  • गर्मी से बचाने वाले कूलर या पंखे का उपयोग करें।
  • अस्थायी लक्षण जैसे सिरदर्द, चक्कर आना या अत्यधिक पसीना आना होने पर तुरंत आराम करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टरी मदद लें।

गर्मी में सावधानी बरत कर हीटस्ट्रोक के खतरों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। अभिभावकों, शिक्षकों और बच्चों को इस विषय में जागरूक और सतर्क रहना चाहिए ताकि वे सुरक्षित रहे और अपने गर्मी के मौसम का आनंद भी उठा सकें।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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