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वैश्विक कंपनियां भारत के केंद्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव से अधिक कार्य अपने परिसर में लाती हैं

Global firms bring more work in-house at India hubs on AI boost

नई दिल्ली, 27 अप्रैल: वैश्विक बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने अपने भारत ऑपरेशनों में बड़ी रणनीतिक बदलाव की शुरुआत की है। अब वे केवल लागत-केंद्रित सहायता भूमिकाओं तक सीमित नहीं रह गई हैं, बल्कि अपने भारत स्थित केंद्रों में महत्वपूर्ण और कोर फंक्शंस को भी शामिल कर रही हैं। यह बदलाव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के विकास और उसके व्यापक उपयोग से प्रेरित है, जिससे भारत केंद्रों की भूमिका अब कंपनी की मुख्य संचालन प्रणाली में एक मजबूत हिस्से के रूप में देखी जा रही है।

पिछले कुछ वर्षों में, भारत में काम करने वाली यूएस और यूरोपीय कंपनियों ने यहां के केंद्रो का इस्तेमाल मुख्य रूप से बैक ऑफिस सपोर्ट, डेटा एंट्री, और सामान्य प्रशासनिक कार्यों के लिए किया था। लेकिन अब, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के चलते प्रक्रियाओं में तेज़ी और अधिक जटिल टास्क्स के लिए इन केंद्रों पर भरोसा बढ़ा है। कंपनियां उन केंद्रों को अपने कोर फंक्शंस का हिस्सा बनाने लगी हैं, जहाँ निर्णय लेने, रणनीति विकास, और नवाचार को प्राथमिकता मिल रही है।

कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि “यह बदलाव हमें वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रहने में मदद करता है। भारत केंद्रों में अब सिर्फ खर्च कम करने के बजाय हम उन्हें नवाचार और मुख्य व्यवसायिक बुद्धिमत्ता के केंद्र के रूप में विकसित कर रहे हैं।” इस बदलाव ने भारत के विशेषज्ञ और तकनीकी कर्मियों के लिए नए अवसर बनाए हैं, जिससे यहां के कार्यबल की स्थिति मजबूत हो रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस परिवर्तन के पीछे डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एआई का बढ़ता अवलंबन मुख्य कारक हैं। इससे बहुराष्ट्रीय कंपनियां अपने समय और लागत प्रबंधन को बेहतर बनाने के साथ ही ग्राहक सेवा एवं उत्पाद विकास में भी तेजी ला रही हैं। भारत के विभिन्न प्रौद्योगिकी और सेवा केंद्र अब सीधे वैश्विक व्यवसायिक रणनीतियों का समर्थन कर रहे हैं, जो पहले कभी इतना व्यापक रूप से नहीं हुआ था।

विश्लेषक यह भी मानते हैं कि भारत सरकार की प्रोत्साहन नीतियों, जैसे डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया ने इस प्रक्रिया को और अधिक सुगम बनाया है। इसके साथ ही, भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स की प्रतिभा और अंग्रेज़ी भाषायी दक्षता ने भी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भारत में अधिक महत्वपूर्ण कार्यों के लिए यहाँ निवेश करने के लिए प्रेरित किया है।

इस बदलते परिदृश्य से न केवल भारत के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भारत को तकनीकी और व्यापारिक नवाचार के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा भारत में मुख्य कार्यों को अपने अंतर्गत लाने की यह प्रवृत्ति भविष्य में और भी सुदृढ़ होने की संभावना है, जिससे देश के आईटी और सेवा क्षेत्र को नई ऊंचाइयां प्राप्त होंगी।

इस बदलाव को देखते हुए भारत में कर्मचारियों और नियोजकों दोनों के लिए यह अवसर बड़ी आशा और संभावनाओं से भरा हुआ है। वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा में बने रहने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत को अपने रणनीतिक केंद्र की तरह उपयोग कर रही हैं, जो देश के लिए एक शुभ संकेत माना जा रहा है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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