दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

बंदूक की नोक पर रेत खदान खादी ने सम्हाल रखी है मैनेजमेंट की कमान..!

 

खादी के संरक्षण में बाहुबलियों की एंट्री

शहडोल।

1980 के दशक में आई फिल्म काला बाजार का एक गाना काफी मशहूर हुआ जिसने सिनेमा के पर्दे पर ऐसा शोर मचाया की गाने के बोल तब से लेकर आज की कालाबाजारी के समय पर लोगों की जुबां पर है “झन झन की सुनो झंकार ये दुनिया है काला बाजार की पैसा बोलता है”।

गाने का बोल अफसर हो सिपाही सबके किरदार में फिट बैठता है साल बीतने को हैं जैतपुर क्षेत्र में चल रहे उत्खनन की चर्चा कभी अखबारों में रहता है तो कभी सोशल मीडिया में वायरल वीडियो के रूप में अफसरो की ईमानदारी पर सवाल उठाती कैमरो में कैद। पर जैतपुर की यह अवैध रेत ट्रांस्पोर्टिंग व्यवस्था खत्म नही हुई और मप्र-छग सीमा जैसे बड़े नेक्सेस का नाम दे दिया गया रेत के इस उत्खनन में टीपी का ऐसा खेल खेला जा रहा है जिसमे सरकारी मुह भी बंद हो जाता है हालात ऐसे हैं कि छग के पंचायतों की कच्ची पर्ची लेकर इसे चोरी का लायसेंस बनाया गया है कभी गाड़ियां थाने के सामने से गुजरती हैं कभी उसके इर्दगिर्द उत्खनन होता है।
अब जिन बड़े नमो की चर्चा है उसमें प्रभात ,पिंटू,शाबिर जैसे लोगों के कंधे पर इस अवैध कारोबार की जिम्मेवारी सौपी गई है जबकि इनके नेटवर्क में दखल देने वाले बंदूकधारी हसिट्रीशीटरो को तमंचे और धौस की कमान दी गई है।

लुकामपुर,गड़ाघाट, बिरौडी,गलहथा में रात के अंधेरे में प्रभात ऐसे आता है कि अंधेरे को भी अपनी परछाई ढूढना पड़ता है चर्चा है कि थाने का एक सिपहसलार इस पूरे काले खेल का हिसाब किताब रखता है हम रेट और पैसे का दावा नही करते कि लोडिंग से लेकर गुंडा टैक्स और पुलिस टैक्स कितना किसको जाता है पर जैतपुर क्षेत्र में हो रहे इस उत्खनन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जिला चारागाह हो चुका है जहां अधिकारी बदहवाश हैं और नेता खामोश।
जिस प्रकार से तमंचे की नोक पर यहाँ उत्खनन को प्रश्रय दिया जा रहा है वह दिन दूर नही जब घाटों पर गोलियां चलेगी या फिर जिम्मेदार अधिकारी ट्रैक्टर और डग्गियो तले रौंदे जाएगे तब जाकर फिर प्रशासन गहरी नींद से जागेगा और कुछ दिनों तक उत्खनन के इस खेल को प्रशासनिक प्रतिक्रिया दिखाएगा ताकि जनता इनके इस कार्यवाही पर ताली बजा सके।
एक बात तो तय है कि इस पूरे खेल में क्या अफसर क्या सिपाही सबके सब बस एक ही गाना गाते मिलेंगे “झन झन की सुनो झंकार ये दुनिया है काला बाजार की पैसा बोलता है”।

मैनेजमेंट का एक नमूना….

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!