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चीन के साथ यूरोप के व्यापार युद्ध के करीब पहुंचने के कारण

Europe is Edging Closer to a Trade War With China. Here’s Why.

यूरोप, जो विश्व की प्रमुख आर्थिक क्षेत्र है, वर्तमान में चीन के साथ व्यापार को लेकर एक नए संकट की तरफ बढ़ रहा है। इस बढ़ते तनाव का मुख्य कारण है चीन से सस्ती वस्तुओं का अत्यधिक प्रवाह, जो यूरोप के विनिर्माण क्षेत्र को गंभीर चुनौती दे रहा है।

चीन की सस्ती वस्तुओं की बाढ़ ने यूरोपीय बाजार में प्रतिस्पर्धा को असंतुलित कर दिया है, जिससे स्थानीय उद्योगों की बिक्री प्रभावित हो रही है। अनेक यूरोपीय निर्माता इस बात से चिंतित हैं कि यदि इस प्रतिस्पर्धा को नियंत्रित नहीं किया गया तो इससे उनकी उत्पादन क्षमता और रोजगार दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

विश्लेषकों का कहना है कि चीन की उत्पादन लागत कम होने के कारण वह अंतरराष्ट्रीय बाजार में बहुत ही प्रतिस्पर्धात्मक कीमतों पर माल बेच पाता है। वहीं यूरोप के कई उद्योग महंगे श्रम और उच्च मानकों के कारण तुलनात्मक रूप से महंगे साबित हो रहे हैं। इससे यूरोपीय उपभोक्ताओं को चीनी माल अधिक आकर्षक लग रहा है।

इस स्थिति से निपटने के लिए यूरोप विभिन्न उपायों पर विचार कर रहा है। इनमें सीमा शुल्क में वृद्धि, आयात नियंत्रण और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी कार्यक्रम शामिल हैं। साथ ही, यूरोपीय संघ ने चीन के साथ निर्यात मानकों और व्यापार नियमों को लेकर कड़ी बातचीत शुरू कर दी है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि व्यापार युद्ध के जोखिम को कम करने के लिए दोनों पक्षों को सहयोगात्मक रूप से समाधान तलाशने होंगे। बिना किसी समझौते के स्थिति और बिगड़ सकती है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

फिलहाल, यूरोप के लिए यह जरूरी है कि वह चीन से आयातित वस्तुओं के प्रभाव का मूल्यांकन करे और एक संतुलित रणनीति अपनाए ताकि उसकी विनिर्माण क्षेत्र मजबूत बना रहे और रोजगार के अवसर सुरक्षित हों।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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