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वियतनाम के नेता ने एशिया को सुपरपावर संघर्ष के जोखिमों के बारे में चेतावनी दी

Vietnam’s Leader Warns Asia About the Risks of Superpower Conflict

वियतनाम के वरिष्ठ नेता तो लाम ने क्षेत्र के सैन्य नेताओं को अपने भाषण में चेतावनी दी कि विश्व में बढ़ते तनाव और शक्तिशाली देशों के बीच प्रतिस्पर्धा ने एशिया क्षेत्र में एक खतरनाक स्थिति उत्पन्न कर दी है। उन्होंने कहा कि आपसी अविश्वास और स्थापित नियमों के प्रति असम्मान ने “बड़ी मछली छोटी मछली को निगलने” की संस्कृति को जन्म दिया है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा है।

तो लाम ने अपने भाषण में यह भी बताया कि जब बड़े राष्ट्र अपनी ताकत के बल पर छोटे देशों को दबाना शुरू करते हैं तो इस तरह के संघर्ष और अस्थिरता को बढ़ावा मिलता है, जो अंततः सभी के लिए हानिकारक होता है। उन्होंने एशियाई देशों को एकजुट होकर multilateralisme और वार्तालाप को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उनका मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में पारंपरिक नियमों का सम्मान सभी देशों की सुरक्षा और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में संघर्षों का स्थायी समाधान केवल बातचीत, सहयोग और पारस्परिक सम्मान से ही संभव है, न कि ताकत के बल पर कब्जे या दबाव से।

तो लाम के अनुसार, एशिया में कई देशों के बीच आर्थिक और सामरिक प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है, और यदि इस दिशा में सावधानी न बरती गई तो यह पूरे क्षेत्र के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने क्षेत्रीय नेताओं से अपील की कि वे मिलकर काम करें और अपने मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएं ताकि एक स्थायी और सुरक्षित एशिया का निर्माण हो सके।

विश्लेषकों का कहना है कि तो लाम की यह चेतावनी वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहाँ महाशक्तियों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस तरह के संदेश न केवल एशियाई देशों में बल्कि पूरी दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए एक सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।

वियतनाम के इस नेता ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय सुरक्षा केवल सैन्य शक्ति से नहीं बल्कि राजनीतिक समझौते और समन्वित प्रयासों से सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बड़े और छोटे देशों के बीच तालमेल और विश्वास बनाए रखना समय की मांग है।

अन्ततः, तो लाम ने जोर दिया कि एशियाई देश एक-दूसरे के हितों का सम्मान करें और सामूहिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए एक समृद्ध और शांतिपूर्ण भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाएं।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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