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पश्चिम एशिया संघर्ष का SAIL स्टील की कीमतों पर मामूली प्रभाव: अधिकारी

West Asia conflict to impact SAIL steel prices marginally: Official

नई दिल्ली: इस सप्ताह उद्योग विशेषज्ञों ने भारत की प्रमुख स्टील निर्माता कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के हालिया बयान को लेकर ध्यान केंद्रित किया है। SAIL के नवनियुक्त अध्यक्ष अशोक पांडा ने कंपनी की कच्चे माल की आपूर्ति श्रृंखला और पश्चिम एशिया क्षेत्र में चल रहे तनाव के असर पर महत्वपूर्ण जानकारी दी है।

अशोक पांडा ने बताया कि कंपनी अपनी उत्पादन प्रक्रिया के लिए विभिन्न कच्चे माल, जैसे कि डुबई से आयातित चूना पत्थर, का उपयोग करती है। हाल के पश्चिम एशिया संघर्ष के बावजूद, उन्होंने आश्वस्त किया कि इससे SAIL की इस्पात कीमतों पर केवल मामूली प्रभाव पड़ेगा। इसका कारण यह है कि कंपनी ने अपनी आपूर्ति श्रृंखला को विविधतापूर्ण बनाया है, जिससे वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का प्रत्यक्ष प्रभाव सीमित रहता है।

पांडा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम जानते हैं कि पश्चिम एशिया में चल रहे राजनीतिक तनाव व आर्थिक अस्थिरता के कई प्रभाव हो सकते हैं, लेकिन SAIL ने अपनी खरीद प्रक्रिया को इस तरह से मजबूती प्रदान की है जो कीमतों को स्थिर बनाए रखने में मदद करेगी। हमारी प्राथमिकता भारतीय बाजार और उपभोक्ता है, और हम उचित मूल्य पर उच्च गुणवत्ता वाली इस्पात सामग्री प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी विवाद के कारण ऊर्जा तथा कच्चे माल की कीमतों में अस्थिरता बनी रहेगी। हालांकि, स्थिरता के लिए प्रयासरत SAIL जैसी कंपनियां संभावित जोखिमों से निपटने के लिए रणनीतियां अपना रही हैं। देश के निर्माण एवं अवसंरचना विकास को बढ़ावा देने के लिए इस्पात की उपलब्धता व कीमतें अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

इस ताजातरीन बयान से यह स्पष्ट होता है कि भारत की प्रमुख स्टील निर्माता संस्थाएं वैश्विक जटिलताओं के बीच अपनी बाजार स्थिति बनाए रखने के लिए सतर्क एवं सक्रिय हैं। आने वाले महीनों में बाजार की गति और कच्चे माल की कीमतों में स्थिरता के लिए उद्योग जगत की निगाहें इस क्षेत्र पर बनी रहेंगी।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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