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केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने बंगाल सरकार से समय पर बकाया भुगतान और प्रीपेड मीटरिंग लागू करने का आग्रह किया

Union Power Minister calls for timely settlement of dues by West Bengal govt., shift to prepaid metering

नई दिल्ली, 27 अप्रैल 2024: केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पश्चिम बंगाल सरकार से बिजली बकाया खातों के समय पर निपटारे पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि यह कदम डिस्कॉम्स (बिजली वितरण कंपनियों) पर आर्थिक दबाव कम करने के लिए बेहद आवश्यक है। मंत्री ने साथ ही स्मार्ट मीटरों की शीघ्रतम स्थापना को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

मनोहर लाल ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि बिजली वितरण क्षेत्र के वित्तीय स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए बकाया राशि का नियमित व रॉबस्ट मेकेनिज्म के तहत समय पर निपटारा अनिवार्य है। उन्होंने कहा, “डिस्कॉम्स की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए, राज्यों को अपने बकाया भुगतानों को जल्द से जल्द नियमित करना होगा। इसके अलावा, स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को व्यापक स्तर पर लागू करने से बिजली चोरी एवं बिलों की पारदर्शिता बढ़ेगी।”

प्रीपेड मीटरिंग सिस्टम अपनाने से न सिर्फ बिजली उपभोक्ताओं को अपने खपत पर अधिक नियंत्रण मिलेगा, बल्कि यह वितरण कंपनियों की वसूली प्रक्रिया को भी आसान बनाएगा। ऊर्जा मंत्री ने सभी राज्य सरकारों, विशेषकर पश्चिम बंगाल की प्रशासनिक टीम से इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आह्वान किया है।

पिछले कुछ वर्षों में बिजली क्षेत्र में सुधार के प्रयासों के तहत कई राज्यों ने स्मार्ट मीटरों की स्थापना शुरू की है, लेकिन कई स्थानों पर यह काम धीमी गति से हो रहा है। मनोहर लाल ने आग्रह किया कि उन राज्यों में जहां यह कार्य विलंबित है, वहां तेजी लाई जाए ताकि बिजली वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन सके।

मंत्री ने यह भी कहा कि नियमित बकाया भुगतान से डिस्कॉम्स को वित्तीय मजबूती मिलेगी और वे बेहतर सेवा प्रदान कर सकेंगे। साथ ही मुनाफा कमाने वाली कंपनियों की स्थिति में सुधार होगा, जिससे निवेश और विकास की संभावना भी बढ़ेगी।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल सहित कई राज्य सरकारें अपनी बिजली वितरण कंपनियों के बकाया बिलों का भुगतान समय-समय पर नहीं कर पातीं, जिससे डिस्कॉम्स को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ऊर्जा मंत्रालय ने इस समस्या से निपटने के लिए समन्वित प्रयास तेज किए हैं।

इस पृष्ठभूमि में, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का यह स्पष्ट संदेश है कि समय पर बिलों का भुगतान और प्रीपेड मीटरिंग की त्वरित स्थापना से न केवल डिस्कॉम्स का संकट कम होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बेहतर और भरोसेमंद सेवा मिलेगी। यह उपाय देश के ऊर्जा क्षेत्र को सुदृढ़ और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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