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अधूरे वादों के बावजूद CBSE का पुनर्मूल्यांकन पोर्टल आज तक निष्क्रिय है

Despite promises, CBSE’s re-evaluation portal remains inactive

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का पुनर्मूल्यांकन पोर्टल छात्रों और अभिभावकों के लंबे इंतजार के बाद भी सक्रिय नहीं हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि यह पोर्टल अधिकतम संभावना के अनुसार आधी रात से पहले चालू कर दिया जाएगा, लेकिन अब तक कोई निश्चित तारीख नहीं दी गई है।

पिछले कुछ हफ्तों से छात्र बोर्ड के पुनर्मूल्यांकन सेवा के लिए इस पोर्टल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। परीक्षाओं के परिणामों में त्रुटि या अपेक्षा से कम अंक मिलने की शिकायतों के चलते पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया को प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए CBSE ने यह डिजिटल माध्यम तैयार किया है। हालांकि, इसके लॉन्च में लगातार देरी होने के कारण विद्यार्थियों में निराशा बढ़ती जा रही है।

विभागीय अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी जटिलताओं और पोर्टल की जांच प्रक्रिया के चलते इसकी लॉन्चिंग स्थगित हो रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही यह समस्या सुलझा ली जाएगी और छात्र पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे। ‘हम पूरा प्रयास कर रहे हैं कि पोर्टल आधी रात तक लाइव हो जाए,’ एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया।

वहीं, छात्रों और अभिभावकों की मांग है कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में देरी न हो और पोर्टल सुचारू रूप से काम करे। कई छात्र सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों के जरिए अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि परीक्षाफल के बाद पुनर्मूल्यांकन की प्राथमिकता हर विद्यार्थी के साथ न्याय सुनिश्चित करती है, इसलिए इसकी सरलता और तत्परता बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसे लागू करने के दौरान आने वाली तकनीकी बाधाओं का प्रभाव सीधा छात्रों पर पड़ता है। अतः समयबद्ध कार्यान्वयन अत्यंत आवश्यक है।

फिलहाल CBSE प्रशासन की ओर से पुनर्मूल्यांकन पोर्टल को लेकर आधिकारिक बयान और अपडेट प्रतीक्षित हैं। छात्र, अभिभावक तथा शिक्षक इस मुद्दे पर ध्यान रखे हुए हैं और जल्द से जल्द समस्या के समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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