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भारत के राजदूत ने कैलाश मानसरोवर तीर्थयात्रियों की व्यवस्थाएं देखने के लिए तиб्बत का दौरा किया

Indian envoy to China visits Tibet to review arrangements for Kailash Manasarovar pilgrims

नई दिल्ली। जून 2025 में मानसरोवर झील पर भारतीय तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे के आगमन के साथ ही पांच वर्ष की अवधि के बाद पुनः कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू हो गई है। इस महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन के मद्देनजर भारत के चीन में राजदूत ने तिब्बत का दौरा किया है ताकि तीर्थयात्रियों के लिए सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा सके।

कैलाश मानसरोवर यात्रा भारत और तिब्बत के बीच धार्मिक एवं सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतीक मानी जाती है। यह यात्रा हर साल हजारों यात्रियों के लिए आध्यात्मिक शांति और धार्मिक अनुभव प्रदान करती है। 2020 से कोविड-19 महामारी के कारण यह यात्रा बंद रही, लेकिन अब उचित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत यात्रा पुनः प्रारंभ हुई है।

चीन में भारतीय राजदूत ने मानसरोवर झील के आसपास के क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षा, आवास, स्वास्थ्य सुविधा, और यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। राजदूत के साथ भारतीय कॉन्सुलेट के उच्च अधिकारी भी मौजूद थे। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से तीर्थयात्रियों को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन लिया।

पांँच साल बाद शुरू हुई इस यात्रा को लेकर pilgrims and stakeholders में गहरा उत्साह देखा जा रहा है। यात्री वर्ग को सुरक्षित, सहज और आरामदायक यात्रा प्रदान करने के लिए भारत सरकार और चीन प्रशासन के बीच समन्वय बढ़ाया जा रहा है। मानसरोवर झील के सुंदर प्राकृतिक वातावरण और पवित्र स्थल की सुरक्षा के साथ-साथ यात्री सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

भारतीय राजदूत ने इस दौरे के दौरान पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच बातचीत और सहयोग का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

इसके अलावा, भारत सरकार ने आगामी यात्राओं के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें कोविड-19 सम्बन्धी सावधानियां, यात्रा पंजीकरण प्रक्रिया और स्वास्थ्य जांच शामिल हैं। इससे न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की असुविधा को भी कम किया जा सकेगा।

अंत में, यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ भारत और तिब्बत के बीच सांस्कृतिक और पारस्परिक समझ को भी बढ़ावा देने वाली है। आगामी महीनों में और अधिक यात्रियों के मानसरोवर जाने की उम्मीद की जा रही है, जिससे क्षेत्र के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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