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डिग्री अब काफी नहीं: जनरेशन Z और HR नेताओं ने कौशल आधारित शिक्षा की माँग की, अनस्टॉप रिपोर्ट में खुलासा

Degrees no longer enough: GenZ and HR leaders call for skill-based education, reveals Unstop Report

नई दिल्ली। आज के युग में केवल डिग्रियां हासिल कर लेना पर्याप्त नहीं रहा, क्योंकि रोजगार की मांग तेजी से बदल रही है। जनरेशन Z के युवा और मानव संसाधन (HR) क्षेत्र के विशेषज्ञ दोनों ही कौशल आधारित शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दे रहे हैं। यह तथ्य हाल ही में जारी हुई अनस्टॉप रिपोर्ट ने भी स्पष्ट किया है।

अनस्टॉप रिपोर्ट में बताया गया है कि पारंपरिक शैक्षणिक डिग्रियों की तुलना में व्यावहारिक कौशल को ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, नियोक्ता अब ऐसे उम्मीदवारों को तरजीह दे रहे हैं जिनके पास तकनीकी दक्षता, समस्या समाधान के कौशल और कम्युनिकेशन स्किल जैसी क्षमताएं हों।

जनरेशन Z, जो डिजिटल युग में बड़ी हुई पहली पीढ़ी है, वे परंपरागत शिक्षा प्रणाली से अलग कौशल संचालित मॉडल की तरफ आकर्षित हो रहे हैं। वे चाहते हैं कि शिक्षा प्रणाली उनके लिए रोजगार दक्षता को बेहतर बनाए, जिससे वे प्रतिस्पर्धात्मक वैश्विक बाजार में आसानी से सफलता प्राप्त कर सकें।

HR विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा संस्थानों को पाठ्यक्रमों में व्यावहारिक प्रशिक्षण तथा उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप बदलाव करना होगा। कौशल आधारित शिक्षा न केवल छात्रों को रोजगार के लिहाज़ से तैयार करती है, बल्कि इससे उनकी आत्म-निर्भरता और उद्यमशीलता की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि कंपनियां अब प्रशिक्षित कर्मचारियों के ऊपर ज्यादा ध्यान दे रही हैं, क्योंकि तेजी से बदलते व्यावसायिक परिदृश्य में नये कौशल सीखना और उसे लागू करना महत्वपूर्ण होता जा रहा है। इस परिवर्तन के साथ, पारंपरिक डिग्री को केवल शुरुआती कदम माना जाने लगा है।

भारत जैसे विकासशील देश में जहां युवा शक्ति की बड़ी संख्या है, वहां कौशल आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करना न केवल रोजगार की समस्या को कम कर सकता है, बल्कि आर्थिक विकास में भी योगदान देगा। सरकार, शिक्षा संस्थान और उद्योगों के बीच सहयोग से यह लक्ष्य सिद्ध किया जा सकता है।

संक्षेप में, अनस्टॉप रिपोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य की शिक्षा प्रणाली केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं रह सकती। केवल वे विद्यार्थी सफल होंगे जो कौशल सीखने और उसे आत्मसात करने की क्षमता रखते हैं। इसलिए, कौशल आधारित शिक्षा को अपनाना अब जरूरी हो गया है, जिससे युवा वर्ग वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सके।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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