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राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में SIT ने चंपत राय और गोपाल राव से की कड़ी पूछताछ, महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त

राम मंदिर चढ़ावा गबन विवाद : SIT ने चंपत राय और गोपाल राव से की पूछताछ, कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त

अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा गबन विवाद में जांच तेज

अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गबन के मामले की जांच अब और तीव्र हो गई है। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने मंगलवार को मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और व्यवस्थापक गोपाल राव से कड़ी पूछताछ की। इसके साथ ही जांचकर्ताओं ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त भी किए हैं। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब चढ़ावे की राशि में गड़बड़ी की आशंका जताई गई।

एसआईटी ने दानपात्रों से संग्रहित राशि की गिनती, उसकी सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की प्रक्रिया को बारीकी से समझने के लिए मंदिर परिसर में मौजूद सभी पक्षों से विस्तार से पूछताछ की। एसआईटी का नेतृत्व लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं। टीम में वित्त विभाग और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।

पूछताछ का क्रम और जांच प्रक्रिया

जांच दल ने सबसे पहले चंपत राय से उनसे जुड़े कर्मचारियों की नियुक्ति और निगरानी प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। इसके बाद व्यवस्थापक गोपाल राव से दान की राशि के प्रबंधन से जुड़े विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर सवाल किए। एसआईटी ने मंदिर परिसर के भीतर लगे सीसीटीवी फुटेज, लेखा-जोखा और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल की। इसके साथ ही दानपात्रों का भौतिक निरीक्षण भी किया गया। इसके अलावा आभूषण और बहुमूल्य धातुओं को सुरक्षित रखने वाले कक्ष का भी निरीक्षण किया गया, जहां मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए चांदी-स्वर्ण के आभूषण सुरक्षित रखे जाते हैं।

राजनीतिक प्रतिक्रिया और निष्पक्ष जांच की मांग

इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग उठाई है। कांग्रेस ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय जांच समिति गठित करने का आग्रह किया है। साथ ही उन्होंने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग भी की है।

शिकायतें और एफआईआर की स्थिति

अब तक इस मामले में तीन अलग-अलग शिकायतें पुलिस को मिली हैं, लेकिन अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। शिवसेना के पूर्व नेता संतोष दुबे, युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला, और करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। करणी सेना अध्यक्ष ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी आवश्यकता जताई है।

आरोप और बचाव पक्ष

अखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक जगद्गुरु स्वामी महेशाश्रम ने चंपत राय को महासचिव पद से हटाने की भी मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि चढ़ावे की रकम में गड़बड़ी उनके संरक्षण में हुई। वहीं, चंपत राय के पूर्व ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि पूरे मामले में चंपत राय बेदाग हैं। उन्होंने यह भी कहा कि नकदी प्रबंधन की जिम्मेदारी ट्रस्टी अनिल मिश्रा के पास है, जो जांच का मुख्य फोकस होनी चाहिए।

एसआईटी की जांच फिलहाल जारी है और आगामी दिनों में इस मामले में और भी कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना है। जांच के समुचित निष्कर्ष मिलने के बाद ही कानूनी कार्रवाई की तरफ कदम बढ़ाए जाएंगे, जिससे भक्तों की आस्था और मंदिर के प्रतिष्ठा को बचाया जा सके।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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