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अखिलेश यादव ने भाजपा पर बोला हमला, ट्रांसफर-पोस्टिंग में पैसा लेने वाले अधिकारी-ठेकेदारों की हो रही खोज

अखिलेश यादव का भाजपा पर हमला, ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर पैसा लेने वालों को खोज रहे अधिकारी-ठेकेदार

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार और उसके प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि टिकट के इच्छुक लोगों के बाद अब अधिकारी और ठेकेदार भी ट्रांसफर-पोस्टिंग और ठेका दिलाने के नाम पर पैसे लेने वालों की खोज में जुट गए हैं। यह बयान उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व ट्विटर) पर जारी किए गए एक पोस्ट में दिया।

अखिलेश यादव ने अपने पोस्ट में लिखा, “टिकट के इच्छुक लोगों के बाद अब अधिकारी और ठेकेदार मिलकर ‘ढुंढाई पंचायत’ कर रहे हैं। यह स्थिति प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर असंतोष और घबराहट को साफ दर्शाती है।” उन्होंने कहा कि यह दिखाता है कि सत्ता में बैठे लोग अपने दावों को पूरा करने में असफल हो रहे हैं और पैसा लेने वाले अंदर से तलाशी जा रहे हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पहले केवल भावी प्रत्याशी ही टिकट दिलाने के नाम पर अग्रिम राशि लेते थे, लेकिन अब विभागीय अधिकारी जैसे एई (असिस्टेंट इंजीनियर), जेई (जूनियर इंजीनियर), एएमए (असिस्टेंट मैनेजमेंट ऑफिसर) तथा ठेकेदार भी इस कार्य में शामिल हो गए हैं। ये लोग ट्रांसफर-पोस्टिंग और ठेका दिलाने के नाम पर पैसा लेने वालों को खोजने में जुटे हैं, जो एक तरह से सत्ता के भीतर फैल चुके भ्रष्टाचार का संकेत है।

अखिलेश ने यह भी बताया कि ‘‘अफवाह मंत्री’’ को लेकर जो चर्चाएं और दावे हो रहे थे, वे अब केवल दावेदारों के बीच अफवाह साबित हो रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा गठबंधन में 30 सीट मिलने की चर्चा झूठी थी और वास्तविकता इससे भिन्न है। इसके चलते भी असंतोष बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि जिस ‘काली कमाई’ के सहारे बड़े-बड़े राजनीतिक बयान दिए जा रहे थे, अब वही पैसा संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ माहौल बना रहा है। यह पूरी परिपाटी राजनीतिक और प्रशासनिक गठजोड़ के भीतर आंतरिक लड़ाई का प्रतीक बन गई है, जहां सभी पक्ष एक-दूसरे से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और स्थिति एक ‘पंचायत’ जैसी बन गई है।

इसके अतिरिक्त, अखिलेश यादव ने पहले भी एनडीए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि भाजपा विधायक और एमएलसी को तोड़ने के लिए लालच और डराने-धमकाने की रणनीति अपनाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डरपोक लोग पीछे हट जाएंगे, लेकिन बहादुरों को पूरी हिम्मत से आगे बढ़ना चाहिए। उनका कहना था कि भाजपा के कई विधायक अभी पाला बदलने को तैयार बैठे हैं, लेकिन सपा पूरी तरह मजबूत है और पार्टी ने कई बार संघर्ष झेला है।

यह बयान ऐसे वक्त आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीतिक परिस्थितियां काफी तनावपूर्ण हैं और सत्ता पक्ष के भीतर असंतोष की सूचनाएं सामने आ रही हैं। अखिलेश यादव के आरोप भाजपा सरकार की छवि प्रभावित कर सकते हैं और आगामी चुनावी दौर में इन मुद्दों का बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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