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कैरला बजट: IFFK को कोच्चि में स्थानांतरित करने की UDF सरकार की योजना को तकनीकी अड़चनों का सामना, मान्यता खोने का खतरा

Kerala Budget: UDF govt’s plan to shift IFFK to Kochi may face technical hurdles, including losing accreditation

दिवस बुधवार, तिरुवनंतपुरम: केरल सरकार की यूडीएफ संधर्ष ने हाल ही में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ केरल (IFFK) को कोच्चि स्थानांतरित करने की योजना बनाई है, जो पिछले 30 संस्करणों से राज्य की राजधानी तिरुवनंतपुरम में आयोजित होती रही है। राज्य का बजट प्रस्ताव इस बदलाव पर केंद्रित है, लेकिन इसमें अनेक तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनें सामने आ रही हैं जो इस प्रक्रिया को चुनौतीपूर्ण बना रही हैं।

तिरुवनंतपुरम पिछले तीन दशकों से IFFK का सफल मेजबान रहा है, जिसने स्थानीय अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक परिदृश्य को मजबूत किया है। IFFK को 2014 की मान्यता प्राप्त आयोजन के रूप में केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय फिल्म मंडलों का समर्थन प्राप्त है। इस मान्यता के चलते, यह फेस्टिवल फिल्म प्रेमियों और उद्योग विशेषज्ञों के लिए एक अद्वितीय आकर्षण केंद्र रहा है।

कोच्चि में स्थानांतरण का निर्णय कई कारणों से उठाया गया है, जिनमें कोच्चि की बेहतर भौगोलिक स्थिति, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, और अधिक व्यापक शहरी पहुंच शामिल हैं। हालांकि, यह कदम संभव तकनीकी चुनौतियों के कारण विवादास्पद भी हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पर्याप्त तैयारी न की गई, तो IFFK अपनी मान्यता खो सकता है, जिससे इसकी अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

इसके अलावा, स्थानीय कलाकारों, संस्कृति प्रेमियों और पत्रकारों ने भी इस चर्चा में भाग लिया है। कुछ का मानना है कि तिरुवनंतपुरम की लंबे समय से सजीव सांस्कृतिक विरासत को नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा, जबकि अन्य का तर्क है कि कोच्चि में बदलाव से फेस्टिवल को नए आयाम मिलेंगे।

राज्य सरकार को अब निर्णय लेते समय तकनीकी सुझावों और विशेषज्ञों की रिपोर्टों पर ध्यान देना होगा, ताकि न केवल स्थानांतरण सफल हो, बल्कि IFFK की विश्वसनीयता और गुणवत्ता बनी रहे। साथ ही, स्थानीय हितधारकों के साथ संवाद कायम करना भी आवश्यक होगा ताकि कोई विवाद न उत्पन्न हो।

अंततः, यह परिवर्तन केवल एक आयोजन के स्थल परिवर्तन से अधिक है; यह केरल के सांस्कृतिक परिदृश्य और फिल्म उद्योग की भविष्य की दिशा को प्रभावित करेगा। इस फैसले की पुष्टि के लिए आगामी महीनों में और व्यापक निरीक्षण, चर्चा और योजना की आवश्यकता होगी ताकि IFFK अपने मानकों और पहचान को बना सके।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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