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अभिभाषक संघ बुढार को मिला सशक्त नेतृत्व का विकल्प

अभिभाषक संघ बुढार को मिला सशक्त नेतृत्व का विकल्प

अध्यक्ष पद हेतु शैलेन्द्र सिंह बघेल की दावेदारी से अधिवक्ता समुदाय में उत्साह की लहर

बुढ़ार।

अभिभाषक संघ बुढार के सत्र 2026-28 के प्रतिष्ठित चुनाव में वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेन्द्र सिंह बघेल द्वारा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रस्तुत किए जाने के साथ ही न्यायालय परिसर में उत्साह, विश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण निर्मित हो गया है। उनके चुनावी मैदान में उतरने से अधिवक्ता समुदाय के बीच नई उम्मीदों का संचार हुआ है तथा संगठन को एक अनुभवी, कर्मठ और दूरदर्शी नेतृत्व मिलने की संभावना मजबूत हुई है।
शैलेन्द्र सिंह बघेल लंबे समय से विधिक क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए हैं। वे न केवल एक कुशल अधिवक्ता हैं, बल्कि अपने सौम्य व्यवहार, सादगीपूर्ण जीवनशैली, स्पष्ट विचारधारा और मिलनसार व्यक्तित्व के कारण अधिवक्ता समाज में विशेष सम्मान प्राप्त करते हैं। उनकी पहचान ऐसे व्यक्ति के रूप में है जो सदैव संगठन और समाज के हितों को व्यक्तिगत हितों से ऊपर रखते हैं।
वर्षों से अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान, न्यायिक गरिमा के संरक्षण तथा संगठनात्मक एकता को मजबूत बनाने के लिए उनकी सक्रिय भूमिका रही है। उन्होंने हमेशा वरिष्ठ अधिवक्ताओं के अनुभव का सम्मान किया है और युवा अधिवक्ताओं को मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान कर उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य किया है। यही कारण है कि अधिवक्ता समुदाय के सभी वर्गों में उनकी स्वीकार्यता और लोकप्रियता समान रूप से दिखाई देती है।
नामांकन के अवसर पर न्यायालय परिसर में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि शैलेन्द्र सिंह बघेल के प्रति अधिवक्ता समाज में गहरा विश्वास और सम्मान है। वरिष्ठ अधिवक्ताओं का आशीर्वाद तथा युवा अधिवक्ताओं का उत्साहपूर्ण समर्थन उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली की लोकप्रियता का प्रमाण माना जा रहा है। पूरे वातावरण में संगठन की मजबूती और सकारात्मक परिवर्तन की उम्मीद साफ दिखाई दी।
श्री बघेल का व्यक्तित्व विनम्रता और दृढ़ता का अद्भुत संगम है। वे अपनी सहजता, स्पष्टवादिता और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं। अधिवक्ता समाज का मानना है कि उनमें नेतृत्व के वे सभी गुण मौजूद हैं जो किसी भी संगठन को नई दिशा और नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक होते हैं। उनकी कार्यशैली पारदर्शी, समन्वयकारी और परिणामोन्मुखी रही है, जिससे साथी अधिवक्ताओं में उनके प्रति विश्वास लगातार मजबूत हुआ है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि शैलेन्द्र सिंह बघेल हमेशा संगठनात्मक समरसता, आपसी सौहार्द और अधिवक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। वे ऐसे नेतृत्वकर्ता के रूप में देखे जाते हैं जो सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं और संगठन की गरिमा को सर्वोपरि मानते हैं। उनकी दावेदारी को केवल एक चुनावी प्रक्रिया नहीं, बल्कि अभिभाषक संघ के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
अभिभाषक समुदाय को विश्वास है कि यदि उन्हें नेतृत्व का अवसर प्राप्त होता है तो वे संघ को नई ऊर्जा, नई सोच और मजबूत संगठनात्मक आधार प्रदान करेंगे। अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा, न्यायिक मूल्यों के संवर्धन और संगठन के सर्वांगीण विकास के लिए उनका अनुभव और नेतृत्व क्षमता निश्चित रूप से महत्वपूर्ण साबित होगी।
कुल मिलाकर, अध्यक्ष पद के लिए शैलेन्द्र सिंह बघेल की दावेदारी ने अभिभाषक संघ बुढार के चुनाव को नई गरिमा प्रदान की है। उनके व्यक्तित्व, अनुभव, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए अधिवक्ता समाज में उत्साह का माहौल है तथा उन्हें एक सक्षम, लोकप्रिय और भरोसेमंद नेतृत्वकर्ता के रूप में देखा जा रहा है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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