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पियूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीयर ने व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू की

Piyush Goyal, U.S. Trade Representative Jamieson Greer begin talks on trade pact

नई दिल्ली, 27 अप्रैल: भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते के मसौदे को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से भारत के वाणिज्य मंत्री पियूष गोयल और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमिसन ग्रीयर के बीच महत्वपूर्ण वार्ता शुरू हो गई है। इस वार्ता का मुख्य फोकस हाल ही में लागू अमेरिकी टैरिफ़ नियमों के बाद उत्पन्न चुनौतियों का समाधान निकालना और दोनों देशों के लिए लाभकारी क्षेत्रों में सहयोग को प्रोत्साहित करना है।

दोनों पक्ष इस बार की बातचीत को व्यावहारिक और ठोस परिणामों के प्रति समर्पित कर रहे हैं, जिससे व्यापार बाधाओं को कम करके आर्थिक साझेदारी को और संतुलित बनाया जा सके। अमेरिकी टैरिफ़ में हाल के बदलाव ने दोनों देशों के व्यापारिक परिवहन में जटिलताएं पैदा की हैं, जिन्हें खारिज करते हुए एक स्थायी और पारदर्शी व्यापार ढाँचे पर सहमति बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

पियूष गोयल ने कहा कि भारत अमेरिकी बाजार में निर्यात को बढ़ावा देने के लिहाज से समग्र दृष्टिकोण अपना रहा है, जिसमें फ़ार्मास्युटिकल, सूचना प्रौद्योगिकी और कृषि उत्पादों को खास अहमियत दी जा रही है। उन्होंने बताया कि बातचीत में स्वास्थ्य सेवा, अक्षय ऊर्जा, और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी गहन सहयोग को लेकर चर्चा हो रही है।

अमेरिकी पक्ष की ओर से जैमिसन ग्रीयर ने बताया कि दोनों देशों के व्यापारिक हितों को संरक्षित करते हुए, तार्किक समाधान खोजे जा रहे हैं ताकि निवेश बढ़े और रोजगार सृजन के नए अवसर उत्पन्न हों। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका भारत के साथ एक मजबूत, न्यायसंगत और पारस्परिक रूप से लाभदायक व्यापार संबंध बनाना चाहता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता सफलतापूर्वक अंतिम रूप लेता है, तो यह न केवल दोनों देशों के आर्थिक विकास में सहायक होगा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भी स्थिरता लाएगा। इस समझौते से निर्यातकों और आयातकों दोनों को व्यापक अवसर प्रदान होंगे, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊँचाइयाँ प्राप्त होंगी।

इस समझौते की प्रक्रिया और वार्ता दोनों देशों की सरकारों द्वारा नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है, ताकि हर पक्ष की चिंताओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। आगामी हफ्तों में इस पर अंतिम फैसला होने की संभावना है, जो वित्तीय और औद्योगिक क्षेत्रों में गहरा असर डालेगा।

भारत और अमेरिका के बीच यह रणनीतिक सहयोग दोनों राष्ट्रों की साझेदारी को मजबूत करते हुए वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। व्यापार समझौते को लेकर चल रही यह चर्चा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह द्विपक्षीय संबंधों में आपसी विश्वास और सहयोग को बढ़ावा देती है।

अंततः, इस वार्ता का उद्देश्य ऐसे नियम बनाना है जो दोनों देशों के हितों को साधते हुए आर्थिक अवसरों का विस्तार करें और वैश्विक व्यापार में स्थिरता तथा विकास सुनिश्चित करें।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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