दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

सीबीएसई कक्षा 12 के छात्र पुनर्मूल्यांकन के बाद अंकों में उल्लेखनीय वृद्धि

CBSE Class 12 students see substantial increase in marks after re-evaluation

नई दिल्ली: सीबीएसई कक्षा 12 के छात्रों के पुनर्मूल्यांकन में बड़ी संख्या ने बेहतर परिणाम हासिल किए हैं। हाल ही में लागू किए गए ओएसएम (OSM) मूल्यांकन प्रणाली में कुछ विसंगतियों की सूचना मिलने के बाद करीब डेढ़ लाख से अधिक उम्मीदवारों ने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया।

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 21 जून को पुनर्मूल्यांकन के परिणाम जारी किए, जिनमें 1.39 लाख उम्मीदवारों के परिणाम घोषित किए गए। बोर्ड ने कहा कि शेष उम्मीदवारों के परिणाम भी जल्द ही चरणबद्ध तरीके से जारी किए जाएंगे।

पुनर्मूल्यांकन की इस प्रक्रिया का उद्देश्य छात्रों को उचित अंक सुनिश्चित कराना था, खासकर उन मामलों में जहां तकनीकी त्रुटियां या मूल्यांकन में विसंगतियां पाई गई थीं। ओएसएम प्रणाली के तहत मूल्यांकन में पारदर्शिता बढ़ाने और गलतियों को कम करने पर ध्यान दिया गया है, लेकिन शुरूआती चरण में कुछ त्रुटियों के कारण छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन की मांग की।

सीबीएसई के प्रवक्ता ने बताया कि पुनर्मूल्यांकन के दौरान छात्रों के पेपर की पूरी जांच दोबारा की गई और उनमें सुधार किए गए। कई छात्र जिन्होंने पुनर्मूल्यांकन कराया, उन्होंने अपने अंकों में काफी सुधार देखा, जो उनके करियर के लिए फायदेमंद होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस कदम से छात्र और उम्मीदवारी परिणामों के प्रति विश्वास बढ़ेगा। एक शिक्षाविद ने कहा, “यह एक सकारात्मक पहल है जिससे छात्रों को न्याय मिले और उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन हो सके।”

बोर्ड ने अभिभावकों और विद्यार्थियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि जल्द ही शेष परिणाम भी जारी कर दिए जाएंगे। पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संचालित की जा रही है।

पिछले वर्षों की तुलना में इस बार पुनर्मूल्यांकन की संख्या अधिक आई है, जो छात्रों के सही मूल्यांकन की मांग को दर्शाता है। इसके साथ ही, यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि ओएसएम प्रणाली में समय के साथ सुधार होगा और भविष्य में ऐसी समस्याएं कम होंगी।

Source

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!