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जब MBBS और BTech छात्र एक ही कक्षा में: IITs में क्रॉस-डिसिप्लिनैरिटी को बढ़ावा

When MBBS and BTech grads are in same class: IITs push cross-disciplinarity

नई दिल्ली: भारत के प्रमुख तकनीकी संस्थान, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs), अब शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं। IITs ने MBBS और BTech के विद्यार्थियों को एक साथ कक्षा में पढ़ाने की योजना बनाई है, जिससे विभिन्न शैक्षणिक अनुशासन के बीच बेहतर तालमेल और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल शिक्षा प्रणाली में क्रॉस-डिसिप्लिनैरिटी की एक नई मिसाल बनेगी।

परंपरागत रूप से, चिकित्सा (MBBS) और इंजीनियरिंग (BTech) को पूरी तरह से अलग-अलग विषय माना जाता रहा है। लेकिन तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी और स्वास्थ्य क्षेत्र की जरूरतों को देखते हुए, इन दोनों क्षेत्रों के बीच सहयोग को बढ़ाना अब आवश्यक हो गया है। IITs की इस योजना का उद्देश्य यही है कि छात्र न केवल अपनी विशेषज्ञता हासिल करें बल्कि अन्य क्षेत्रों के ज्ञान से भी अवगत हों।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का समन्वय छात्र के निर्णय क्षमता, नवाचार और समस्या समाधान कौशल को बढ़ावा दे सकता है। जब इंजीनियरिंग छात्र चिकित्सा छात्रों के साथ शिक्षक और शोधकर्ता मिलकर काम करेंगे, तो स्वास्थ्य तकनीक, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग और डिजिटल हेल्थ के क्षेत्रों में क्रांतिकारी खोज संभव हो सकेगी।

एक IIT के वरिष्ठ अध्‍यापक ने बताया, “हम चाहते हैं कि हमारे छात्र एक-दूसरे के ज्ञान का लाभ उठाएं। इससे न केवल उनकी समझ गहरी होगी बल्कि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तैयार होंगे।” IITs में अब विभिन्न विषयों को मिलाकर पाठ्यक्रम डिजाइन किए जा रहे हैं ताकि छात्रों को इन्टरेक्टिव और इंटिग्रेटेड लर्निंग का अनुभव मिल सके।

सरकार भी इस पहल का समर्थन कर रही है और इसे शिक्षा सुधार का एक जरूरी हिस्सा मान रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे देश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा और विश्व स्तर पर भारत के शिक्षा संस्थानों की प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

इस पहल के तहत, मेडिकल और इंजीनियरिंग दोनों क्षेत्र के छात्र प्रयोगशालाओं, प्रोजेक्ट वर्क और सेमिनार में एक साथ काम करेंगे। इससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिलने के साथ-साथ उनके करियर के नए अवसर भी खुलेंगे।

यह कदम भारत के शिक्षा क्षेत्र में बहुआयामी सोच और नवाचार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। आने वाले वर्षों में IITs की यह पहल न केवल शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाएगी बल्कि देश के शोध एवं विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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