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जिम्स प्रशासन ने कर्मचारियों से की अपील: कहा- मरीजों के हित में तुरंत कार्य पर लौटें, मांगों पर बनेगी समिति

जिम्स प्रशासन की कर्मचारियों से अपील, कहा- मरीजों के हित में काम पर लौटें, मांगों पर बनेगी समिति

ग्रेटर नोएडा। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स), ग्रेटर नोएडा के प्रशासन ने पिछले 15 दिनों से चल रहे कर्मचारी आंदोलन को लेकर महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। संस्थान प्रशासन ने कर्मचारियों से भावुक अपील करते हुए कहा है कि वे मरीजों के हित को सर्वोपरि रखते हुए कार्य पर तुरंत लौटें। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया है कि कर्मचारियों की अधिकांश मांगों पर सहानुभूति रखी जाएगी और समाधान निकालने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।

इंस्टीट्यूट प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन मांगों को संस्थान स्तर पर हल करना संभव होगा, उन्हें प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा जबकि शासन स्तर से जुड़े विषयों को शासन को तत्काल भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत कर्मचारियों की मांगों को समझने और उचित निकाय तक पहुंचाने के लिए छह सदस्यीय समिति गठित की जाएगी। इस समिति में तीन कर्मचारी प्रतिनिधि और तीन प्रशासनिक अधिकारी शामिल होंगे। समिति की अध्यक्षता जिला प्रशासन करेगा और इसके निर्णयों को संस्थान पूरी गंभीरता से लागू करेगा।

प्रशासन ने आंदोलन कर रहे कर्मचारियों से यह भी अनुरोध किया कि वे किसी बाहरी तत्वों की भड़काऊ और भ्रम फैलाने वाली घटनाओं में फंसें नहीं। यह कहा गया कि कुछ अराजक तत्व आंदोलन का राजनीतिक या स्वार्थ पूर्ति के लिए इस्तेमाल करना चाहते हैं, जिसका विरोध संस्थान कड़ाई से करता है। इसके साथ ही यह अफवाह पूरी तरह निराधार है कि पुलिस द्वारा कर्मचारियों को उनके हॉस्टल या घर से जबरन उठाने की कार्रवाई की गई है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि वे कर्मचारी जो कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

जिम्स प्रशासन ने इस आंदोलन से उत्पन्न स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभाव का भी निर्माण किया। लगातार 15 दिनों से बेहतर स्वास्थ्य सेवा बाधित होने के कारण गरीब और जरूरतमंद मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। खासकर वे मरीज जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, उन्हें इसका सबसे अधिक नुकसान हो रहा है। प्रशासन ने इसी भावुक कारण से कर्मचारियों से तत्काल कार्यस्थल लौट आने की अपील की है और चेतावनी दी है कि यदि वे कार्य पर वापस नहीं लौटे तो संस्थान को वैकल्पिक प्रबंध करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

इसके साथ ही प्रशासन ने कर्मचारियों के प्रशिक्षण, उच्च शिक्षा संस्थानों में कोचिंग, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और वेतन एवं भत्तों में वृद्धि के लिए सकारात्मक प्रयास करने का आश्वासन भी दिया है। यह स्पष्ट किया गया है कि कोविड-19 महामारी के दौरान एवं भविष्य में जो कर्मचारी संस्थान में सेवा देते रहेंगे, उन पर सरकार द्वारा लिए गए निर्णय लागू होंगे।

जिम्स प्रशासन ने यह भी कड़ा संदेश दिया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़ करने तथा प्रशासनिक कार्य में बाधा डालने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आंदोलनरत कर्मचारियों से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा गया कि सभी मांगों पर समयबद्ध तरीके से विचार किया जाएगा तथा उनके हितों की रक्षा के लिए हरसंभव संसाधन लगाए जाएंगे।

अंत में प्रशासन ने सभी कर्मचारियों से अपील की है कि वे अपने कर्तव्यों के प्रति जिम्मेदार बनें और मरीजों की सेवा को प्राथमिकता दें। वे किसी के बहकावे में न आएं और शांति पूर्वक संवाद के द्वारा समस्या का समाधान खोजें। जिम्स संस्थान हमेशा अपने कर्मचारियों के समर्थन में है और उनके बेहतर भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगा।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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