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प्रियांक खर्गे का कानूनी लड़ाई का एलान, बेंगलुरु कोर्ट के समन के बाद RSS पंजीकरण की मांग फिर से की

Priyank Kharge vows legal fight, renews demand for RSS registration after Bengaluru court summons

बेंगलुरु: कर्नाटक के वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रियांक खर्गे ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (RSS) के खिलाफ एक बार फिर कानूनी लड़ाई छेड़ने की घोषणा की है। यह फैसला उस समय आया जब बेंगलुरु की एक अदालत ने RSS को समन भेजा है। खर्गे ने इस मुद्दे को लेकर अपनी निष्ठा और गंभीरता दोहराते हुए संगठन के पंजीकरण की मांग को पुनः जोर-शोर से उठाया है।

प्रियांक खर्गे ने कहा, “जहां तक धन संबंधी सवाल हैं, हमें पता होना चाहिए कि इनके दान कहां से आ रहे हैं? खातों का रखरखाव कौन कर रहा है? इस पूरे प्रक्रिया में कौन लाभान्वित हो रहा है और इसके कारण कौन हानि में है? इन सभी सवालों के जवाब सार्वजनिक होने चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की छिपी हुई या संदिग्ध गतिविधि को लेकर सरकारी और न्यायिक निगरानी अपेक्षित है।

खर्गे के इस बयान को राजनीतिक विश्लेषकों ने गंभीरता से लिया है क्योंकि RSS देश में एक प्रमुख और विवादित संगठन है। उनके खाते और दान-संरचना की पारदर्शिता को लेकर वर्षो से सवाल उठते रहे हैं। प्रियांक खर्गे ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि RSS को आधिकारिक रूप से पंजीकृत कराया जाए ताकि उसकी वित्तीय गतिविधियों पर जवाबदेही हो।

बेंगलुरु अदालत के समन के बाद RSS की ओर से भी एक प्रतिक्रिया आई है जिसमें उन्होंने अपनी संस्थागत स्वायत्तता पर बल दिया है और कहा कि वे नियमों और कानूनों के अनुसार कार्यरत हैं। हालांकि अभी तक कोर्ट में कोई निर्णायक आदेश नहीं आया है। इस मामले में आगे क्या होगा, यह देखने वाली बात होगी।

राजनीतिक वक़्ताओं के अनुसार, इस कदम से कांग्रेस पार्टी को आगामी चुनावों में कुछ राजनीतिक लाभ मिल सकता है, खासकर तब जब राष्ट्रीय स्तर पर भी कई सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे संघ की गतिविधियों से जुड़े हुए हैं।

प्रियांक खर्गे की यह पहल सामाजिक और राजनीतिक चिंतकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी विस्तार से जानकारियां सामने आ सकती हैं। जनता भी इस मामले की गहरी पड़ताल और पारदर्शिता की उम्मीद कर रही है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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