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इंडी कलाकार हनिया नाफ़िसा अपने एलबम, संगीत निर्माण और कन्नूर बोली में गाने पर चर्चा करती हैं

Indie artiste Haniya Nafisa on her album, music production and singing in the Kannur dialect

कोच्चि स्थित गायिका-संगीतकार हनिया नाफ़िसा ने हाल ही में अपने नए एलबम की रिलीज़ पर बात की, जिसमें उन्होंने विभिन्न संगीत शैलियों के साथ प्रयोग करने, सहयोगी कलाकारों के साथ मिलकर काम करने और एक निर्माता के रूप में अपनी पहचान खोजने की प्रक्रिया साझा की।

हनिया ने बताया कि उनके लिए संगीत केवल एक कला नहीं, बल्कि एक भावनात्मक यात्रा है। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा संगीत के विभिन्न रंगों को अपनाने की कोशिश की है, चाहे वह लोक संगीत हो या इंडी पॉप। इससे मुझे नई आवाज़ें खोजने और अपनी रचना को समझने में मदद मिली।”

इस एलबम में हनिया ने कन्नूर बोली में गाने पर भी विशेष जोर दिया है, जो केरल के उत्तर भाग में बोली जाने वाली एक अनोखी बोली है। इस बोली के माध्यम से उन्होंने स्थानीय संस्कृति और भावनाओं को संगीत में जीवंत किया है।

उसने आगे बताया, “कन्नूर बोली में गीत गाना मेरे लिए एक चुनौती भी है और गर्व की बात भी। इससे मुझे अपने जड़ों से जुड़ने का मौका मिला और लोगों को इस बोली की मिठास से परिचित कराने का अवसर मिला।”

हनिया ने सहयोगी कलाकारों के साथ काम करने की अपनी प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सहयोग से नए विचार और संगीत की गहराई आती है। “मैंने कई कलाकारों के साथ मिलकर विभिन्न प्रयोग किए हैं। इससे मेरी रचनात्मक क्षमता को विस्तार मिला है, और हम एक-दूसरे से प्रेरणा लेते हैं।”

साथ ही, उन्होंने संगीत निर्माण की भूमिका में अपनी पहल और जिम्मेदारियों के बारे में भी बात की। हनिया ने कहा कि निर्माता के रूप में उनकी भूमिका केवल ट्रैक बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक पूरी ध्वनि की कल्पना करना और उसे सच करना है।

हनिया नाफ़िसा का यह एलबम उनके विकसित संगीत करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो सुनने वालों को नए संगीत अनुभव देने के साथ ही उनकी संस्कृति को भी समृद्ध करता है। संगीत प्रेमियों को उनके नए प्रयासों के लिए काफी उत्साहित रहने की उम्मीद है।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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