दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

केंद्र ने मेटा को इंस्टाग्राम पर नोटिस क्यों जारी किया? | विस्तार से समझें

Why has the Centre issued a notice to Meta over Instagram? | Explained

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने मेटा (पहले फेसबुक) को एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है, जिसमें इंस्टाग्राम पर कुछ विज्ञापनों और सामग्री को बंद करने के लिए कहा गया है। ये कार्रवाई उन सामग्री को लेकर है जो कथित रूप से बाल शोषण, यौन शोषण और बाल उत्पीड़न (CSEAM) को बढ़ावा देती हैं या उनकी पहुंच को सुविधाजनक बनाती हैं।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, नोटिस का उद्देश्य इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री को रोकना है जो बाल सुरक्षा कानूनों के खिलाफ हो और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह कदम भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी बढ़ाने और इंटरनेट के माध्यम से होने वाले बच्चों के दुर्व्यवहार को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

इस नोटिस में केंद्र सरकार ने मेटा से आग्रह किया है कि वे इंस्टाग्राम पर ऐसे किसी भी विज्ञापन या सामग्री को तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय करें जो CSEAM को प्रमोट या उसका प्रसार करती हों। साथ ही, उन्हें भविष्य में ऐसे कंटेंट की मॉनिटरिंग और कंट्रोल के लिए प्रभावी तकनीकी व संगठनात्मक उपाय अपनाने के लिए कहा गया है।

मेटा की ओर से अभी तक इस नोटिस को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कंपनी ने पहले भी भारत सरकार के निर्देशों का सम्मान करते हुए आवश्यक कार्रवाई की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी सामग्री के प्रसार को रोकने के लिए कई बार सख्ती दिखाई गई है, जिसमें कंटेंट रिव्यू सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी और यूजर रिपोर्टिंग सिस्टम शामिल हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बाल सुरक्षा से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी है क्योंकि बच्चे आज की टेक्नोलॉजी-संचालित दुनिया में अति संवेदनशील समूह हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे खतरनाक कंटेंट की रोकथाम से बच्चों की मानसिक व शारीरिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

सरकारी पहल और तकनीकी कंपनियों के बीच सहयोग से ही ऑनलाइन बाल सुरक्षा को मजबूत किया जा सकता है। इस संबंध में लगातार नए कानून और नियम भी बनाये जा रहे हैं ताकि डिजिटल दुनिया को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाया जा सके।

केंद्र सरकार की यह कार्रवाई सोशल मीडिया कंपनियों के लिए एक चेतावनी भी है कि वे अपनी जिम्मेदारी से पीछे न हटें और देश के कानूनों का पूरा सम्मान करें। इंस्टाग्राम जैसे बड़े प्लेटफॉर्म पर नियमित मॉनिटरिंग और प्रतिबंध आवश्यक है ताकि बाल शोषण से जुड़ी किसी भी गतिविधि को बढ़ने से रोका जा सके।

नोटिस के बाद अब देखना होगा कि मेटा किस प्रकार से अपने प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री के विरोध में कदम उठाता है और इस मुद्दे पर उनकी नीति में कितनी पारदर्शिता और कड़ाई आती है। यह मुद्दा न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए एक चुनौती बना हुआ है।

Source

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!