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मेटा के इंजीनियर्स ने शेट्टी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कालाबुरगी में छात्रों के साथ एआई और उभरती तकनीकों पर बातचीत की

Meta engineers interact with students on AI, emerging technologies at Shetty Institute of Technology in Kalaburagi

कालाबुरगी: शेट्टी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में हाल ही में मेटा के इंजीनियर्स ने छात्रों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और अन्य उभरती तकनीकों पर एक ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था मेटा के एआई-सक्षम रेम-बैन स्मार्ट ग्लासेज़ का लाइव डेमो, जिसने दिखाया कि किस तरह से पहनने योग्य तकनीक ने हमारे दैनिक अनुभवों को बदलना शुरू कर दिया है।

कार्यक्रम में शामिल इंजीनियर्स ने छात्रों को आधुनिक तकनीकों के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि एआई कैसे हमारी जिंदगी को स्मार्ट और सहज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विशेषकर रेम-बैन स्मार्ट ग्लासेज़ का प्रदर्शन दर्शकों के बीच उत्सुकता और आकर्षण का केन्द्र बना। स्मार्ट ग्लासेज़ की खासियत यह है कि यह पहनने वाले को वास्तविक समय में जानकारी प्रदान करते हैं, साथ ही बाहरी दुनिया के साथ बेहतर इंटरैक्शन का मौका देते हैं।

मेटा के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह ग्लासेज़ एआई की मदद से न केवल दृश्य अनुभवों को बेहतर बनाते हैं, बल्कि टेक्स्ट, ऑडियो और वीडियो के माध्यम से संवाद को भी सरल बनाते हैं। तकनीकी क्षेत्र के छात्रों के लिए यह एक सुनहरा अवसर था, जहां उन्होंने सीधे तकनीकी विशेषज्ञों से सवाल-जवाब कर अपने ज्ञान को बढ़ाया।

शेट्टी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के अधिकारियों ने इस पहल की सराहना की और कहा कि ऐसी गतिविधियाँ छात्रों को तकनीकी क्षेत्र में नवीनतम विकासों से जोड़े रखती हैं और उन्हें भविष्य की कैरियर चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के कार्यशालाओं से विद्यार्थियों की रचनात्मक और तकनीकी समझ में वृद्धि होती है।

इस कार्यक्रम में शिक्षा और तकनीक के समागम ने एक नई ऊर्जा का संचार किया। छात्रों ने बताया कि वे भविष्य में एआई और पहनने योग्य तकनीकों के क्षेत्र में और गहरी विशेषज्ञता हासिल करना चाहते हैं। समापन पर आयोजकों ने मेटा और शैक्षिक संस्थान के बीच ऐसे सहयोग को जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

यह आयोजन यह स्पष्ट करता है कि एआई और उभरती तकनीकें न केवल विज्ञान और उद्योग को प्रभावित कर रही हैं बल्कि युवाओं की सोच और सीखने के तरीके को भी बदल रही हैं। मेटा के रेम-बैन स्मार्ट ग्लासेज़ जैसे आविष्कार हमें आने वाले समय में तकनीक के साथ बेहतर और अधिक सहज जुड़ाव की उम्मीद देते हैं।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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