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इल्तिजा मुफ्ती ने अमरनाथ लिंग के सिकुड़ने पर चिंता जताई, पर्यावरणीय प्रभाव पर उठाए सवाल

Iltija Mufti flags shrinking Amarnath lingam, raises concerns over environmental impact

श्रीनगर: पीडीपी के वरिष्ठ नेता ने हाल ही में अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या को सर्वोच्च न्यायालय के निर्धारित सीमा से अधिक बताते हुए चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पर्यावरणीय सुरक्षा और सतत पर्यटन नीति लागू करने की जोरदार मांग की है।

उनका कहना है कि अमरनाथ यात्रा एक धार्मिक और सांस्कृतिक समारोह है, लेकिन इसका पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु इस पवित्र गुफा धाम की ओर जाते हैं, जिससे क्षेत्र में कचरा बढ़ता है, जंगलों और नदी तंत्र को नुकसान होता है।

उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने श्रद्धालुओं की संख्या को सीमित किया है ताकि पर्यावरण को संरक्षण मिल सके, लेकिन इस साल यात्रा में यह सीमा उल्लंघित हुई है। इस कारण स्थल की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता को खतरा है।

इसके अलावा, पीडीपी नेता ने स्पष्ट किया कि स्थानीय प्रशासन को यात्रियों की संख्या नियंत्रित करने, साफ-सफाई और उचित प्रबंधन के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना सामंजस्यपूर्ण पर्यावरणीय नीतियों के इस महाकांक्षी आयोजन का स्थायी विकास मुश्किल हो जाएगा।

विशेषज्ञ भी इस बात से सहमत हैं कि धार्मिक पर्यटन में वृद्धि के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण नीतियों का पालन आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि आधुनिक तकनीकों और जागरूकता अभियान के जरिए यात्रियों को पर्यावरण के प्रति उत्तरदायी बनाया जाना चाहिए।

अमरनाथ यात्रा के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सीमित करने के लिए पुलिस और प्रशासन ने विभिन्न उपाय अपनाए हैं, लेकिन यह आंकड़ा अभी भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश से अधिक है। इससे न केवल पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होता है, बल्कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर भी असर पड़ता है।

लोकल निवासियों ने भी बताया है कि यात्रा के दौरान कूड़े-कचरे के अतिरिक्त जमा होने से जल और मृदा प्रदूषण गंभीर रूप ले रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि वे जलवायु परिवर्तन और इकोसिस्टम की रक्षा को प्राथमिकता दें।

इस विषय पर राजनीतिक दलों और पर्यावरण विशेषज्ञों के बीच लगातार चर्चा जारी है। पीडीपी ने सरकार से अपील की है कि वे पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए एक स्थायी और प्रभावी पर्यटन नीति तैयार करें, ताकि धार्मिक भावना और पर्यावरण संरक्षण दोनों ही साथ चल सकें।

इसलिए, अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और स्थायी बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर काम करना होगा और सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में पर्यावरणीय नियमों का कड़ाई से पालन हो।

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Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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