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Gold Silver Price Crash: सोना-चांदी में बड़ी गिरावट, एक हफ्ते में ₹15,000 तक टूटे दाम; एक्सपर्ट ने बताए दो बड़े कारण

नई दिल्ली, भारत

सोना और चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद इस बार कीमती धातुओं में उम्मीद के मुताबिक तेजी नहीं आई। इसके उलट, पिछले कारोबारी सप्ताह में सोना और चांदी दोनों में बड़ी कमजोरी दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता फिलहाल कीमती धातुओं पर दबाव बनाए हुए हैं।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में शुक्रवार को अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1,43,478 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि चांदी 2,22,664 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर क्लोज हुई। पिछले एक सप्ताह के दौरान सोने की कीमत में करीब 3,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी में लगभग 15,000 रुपये प्रति किलोग्राम की गिरावट दर्ज की गई।

कमोडिटी बाजार के जानकार अनुज गुप्ता के अनुसार, इस गिरावट के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहला, अमेरिका से जारी मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने डॉलर को मजबूती दी है, जिससे निवेशकों का रुझान फिलहाल सुरक्षित निवेश के रूप में सोने से कुछ हद तक कम हुआ है। दूसरा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती को लेकर अभी स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं। ऊंची ब्याज दरों की संभावना सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली परिसंपत्तियों की मांग को प्रभावित करती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में अभी भी अस्थिरता बनी हुई है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचना चाहिए और चरणबद्ध तरीके से खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। उनका मानना है कि यदि आने वाले महीनों में फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करता है या वैश्विक आर्थिक हालात बदलते हैं, तो सोना और चांदी दोबारा मजबूती दिखा सकते हैं।

हालांकि, फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। निवेशकों को अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों, डॉलर इंडेक्स, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर लगातार नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए हर गिरावट एक अवसर हो सकती है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में निवेश सोच-समझकर और जोखिम को ध्यान में रखकर करना अधिक उपयुक्त रहेगा।

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Author: Divya Kirti

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