दिव्यकीर्ति सम्पादक-दीपक पाण्डेय, समाचार सम्पादक-विनय मिश्रा, मप्र के सभी जिलों में सम्वाददाता की आवश्यकता है। हमसे जुडने के लिए सम्पर्क करें….. नम्बर-7000181525,7000189640 या लाग इन करें www.divyakirti.com ,

बोइंग 737 मैक्स के 471 विमानों की होगी जांच, FAA ने जारी किया सख्त आदेश

Washington, D.C.

अमेरिकी एविएशन रेगुलेटर फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने बोइंग 737 मैक्स विमानों को लेकर बड़ा कदम उठाया है। FAA ने 737 मैक्स के 471 विमानों की जांच का आदेश दिया है। यह अंतिम नियम 10 सितंबर से लागू होगा। नियामक के इस फैसले का उद्देश्य विमानों की संरचना से जुड़ी संभावित सुरक्षा समस्या को समय रहते पहचानना और उसे दूर करना है।

FAA के अनुसार, यह नियम बोइंग 737-8, 737-9 और 737-8200 मॉडल के कुछ खास विमानों पर लागू होगा। कुल 471 विमान इस आदेश के दायरे में आएंगे।

हालांकि, FAA ने स्पष्ट किया है कि इन 737 मैक्स विमानों में अब तक किसी तरह की दरार नहीं मिली है। इसके बावजूद पुराने 737 विमानों में सामने आई समस्या को देखते हुए मैक्स विमानों की जांच जरूरी मानी गई है।

FAA ने बताया कि नवंबर में प्रस्तावित नियम जारी करते समय पुराने नेक्स्ट-जेनरेशन 737 विमानों के बेयर स्ट्रैप में दरारें मिलने की जानकारी सामने आई थी। बेयर स्ट्रैप धातु की ऐसी शीट होती हैं, जो विमान के दरवाजों और आपातकालीन निकास के आसपास की संरचना को मजबूती देने में मदद करती हैं।

नियामक के मुताबिक, 737 मैक्स का डिजाइन पुराने 737 मॉडल से काफी मिलता-जुलता है। ऐसे में समान संरचनात्मक हिस्सों में भविष्य में इसी तरह की समस्या पैदा होने की आशंका को देखते हुए निरीक्षण का फैसला लिया गया है।

बोइंग ने पहले ही समस्या की पहचान की थी

बोइंग ने कहा है कि कंपनी इस संभावित समस्या को लेकर पहले से काम कर रही है। कंपनी के मुताबिक, वह पिछले छह वर्षों से विमान ऑपरेटरों के साथ इस मुद्दे पर काम कर रही है।

बोइंग ने बताया कि 2019 में ही प्रभावित नेक्स्ट-जेनरेशन 737 विमानों के लिए निरीक्षण संबंधी निर्देश जारी कर दिए गए थे। इसके बाद FAA ने 2021 में इन निरीक्षणों को अनिवार्य कर दिया था।

नए आदेश के तहत 737 मैक्स विमानों की जांच से यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि पुराने मॉडलों में सामने आई संरचनात्मक समस्या नए विमानों में भी मौजूद तो नहीं है। FAA का यह कदम विमान यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियाती कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

ये भी पढ़ें...

error: Content is protected !!