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Independence Day 2026: अंग्रेजों ने जून 1948 तक भारत छोड़ने की बनाई थी योजना, फिर 10 महीने पहले कैसे मिली आजादी?

नई दिल्ली, दिल्ली

15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। यह दिन उस ऐतिहासिक क्षण की याद दिलाता है, जब 15 अगस्त 1947 को भारत ब्रिटिश शासन से मुक्त हुआ। हालांकि, भारत की आजादी की तारीख शुरू से 15 अगस्त 1947 तय नहीं थी। ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली ने फरवरी 1947 में घोषणा की थी कि ब्रिटेन जून 1948 तक भारत में सत्ता हस्तांतरित कर देगा। इसके बावजूद सत्ता हस्तांतरण करीब 10 महीने पहले ही हो गया।

कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच क्यों नहीं बनी बात?

भारत की आजादी से पहले सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच बढ़ता मतभेद था। 1946 में ब्रिटिश सरकार ने कैबिनेट मिशन भारत भेजा। इसका उद्देश्य ऐसा संवैधानिक समाधान तलाशना था, जिससे भारत की सत्ता भारतीय नेताओं को सौंपी जा सके।

कैबिनेट मिशन की योजना में भारत को एक संघीय ढांचे में रखने का प्रस्ताव था, लेकिन कांग्रेस और मुस्लिम लीग के बीच इसके स्वरूप और अधिकारों को लेकर मतभेद बने रहे। मुस्लिम लीग अलग पाकिस्तान की मांग पर जोर देती रही।

16 अगस्त 1946 को मुस्लिम लीग ने ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ का आह्वान किया। इसके बाद कलकत्ता में भीषण सांप्रदायिक हिंसा हुई। बाद में नोआखाली, बिहार और पंजाब समेत कई इलाकों में भी तनाव और हिंसा बढ़ी। इससे सत्ता हस्तांतरण का सवाल और जटिल हो गया।

माउंटबेटन को मिली जिम्मेदारी

लॉर्ड लुइस माउंटबेटन मार्च 1947 में भारत के अंतिम वायसराय बनकर पहुंचे। उन्हें भारत में ब्रिटिश शासन समाप्त करने और सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी दी गई थी।

माउंटबेटन ने कांग्रेस और मुस्लिम लीग के शीर्ष नेताओं से बातचीत की। लगातार बढ़ती हिंसा और राजनीतिक गतिरोध के बीच उन्होंने सत्ता हस्तांतरण को जून 1948 तक रोकने के बजाय जल्दी पूरा करने का रास्ता चुना।

3 जून 1947 को माउंटबेटन योजना की घोषणा की गई। इसमें भारत के विभाजन और सत्ता हस्तांतरण की रूपरेखा सामने आई। इसके बाद ब्रिटिश संसद ने भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम पारित किया। सरकारी अभिलेखों के अनुसार, इस अधिनियम ने 15 अगस्त 1947 से सत्ता हस्तांतरण का कानूनी आधार तैयार किया।

15 अगस्त ही क्यों?

15 अगस्त की तारीख माउंटबेटन ने चुनी। इतिहास से जुड़े कुछ विवरण इसे द्वितीय विश्व युद्ध में जापान के आत्मसमर्पण की दूसरी वर्षगांठ से भी जोड़ते हैं, क्योंकि 15 अगस्त 1945 को जापान के आत्मसमर्पण की घोषणा हुई थी। हालांकि आजादी की तारीख तय करने के पीछे इसे अकेला कारण मानना सही नहीं होगा।

आखिरकार 14-15 अगस्त की मध्यरात्रि भारत स्वतंत्र हुआ। जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा में ऐतिहासिक भाषण दिया और स्वतंत्र भारत की नई सरकार ने काम संभाला। 15 अगस्त 1947 से भारत हर साल इस दिन स्वतंत्रता दिवस मनाता है।

आजादी राजनीतिक जीत थी, लेकिन विभाजन के कारण यह दौर भारी हिंसा, विस्थापन और मानवीय त्रासदी से भी जुड़ा रहा।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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