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दिल्ली के बंगाली पट्टी से पकड़ा गया संदिग्ध ISI एजेंट, सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

दिनहाटा, पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने के संदेह में सिलीगुड़ी के एक युवक को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान प्रदीप्त बोस के रूप में हुई है। एसटीएफ ने उसे दिल्ली के बंगाली पट्टी इलाके से पकड़ा।

गिरफ्तारी के बाद आरोपित को गुरुवार को दिल्ली से कूचबिहार जिले के दिनहाटा लाया गया, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां उसके संपर्कों, कथित नेटवर्क और हाल की गतिविधियों की पड़ताल में जुटी हैं।

इस मामले में एसटीएफ पहले ही आईएसआई एजेंट होने के संदेह में चार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से तीन आरोपित दिनहाटा इलाके से पकड़े गए थे। अधिकारियों के अनुसार, इनसे पूछताछ के दौरान प्रदीप्त बोस का नाम सामने आया। इसके बाद एसटीएफ की एक विशेष टीम दिल्ली रवाना हुई और उसे गिरफ्तार कर लिया।

बताया जा रहा है कि एक सप्ताह के भीतर आईएसआई से संबंध होने के संदेह में पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच एजेंसियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन सभी आरोपितों के बीच संपर्क किस स्तर तक था और क्या ये किसी संगठित नेटवर्क के तहत काम कर रहे थे।

मामले को सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि सिलीगुड़ी कॉरिडोर देश के सबसे महत्वपूर्ण सामरिक क्षेत्रों में शामिल है। इसे आमतौर पर ‘चिकन नेक’ के नाम से भी जाना जाता है। यह संकरा क्षेत्र पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है।

सिलीगुड़ी कॉरिडोर नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की सीमाओं के करीब स्थित है। इस कारण क्षेत्र की सामरिक और सुरक्षा संबंधी अहमियत काफी अधिक है। संदिग्ध जासूसी गतिविधियों से जुड़े इस मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।

एसटीएफ को संदेह है कि प्रदीप्त बोस और उसके कथित साथी भारत के विभिन्न राज्यों में फैले किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी जांच जारी है और एजेंसियां सभी तथ्यों की पुष्टि कर रही हैं।

जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि आरोपितों के पास किस तरह की सूचनाएं थीं और उनके कथित संपर्क किन लोगों से थे। आने वाले दिनों में केंद्रीय जांच और खुफिया एजेंसियों के भी मामले से जुड़ने की संभावना है।

फिलहाल प्रदीप्त बोस से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, संपर्कों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

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