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भारत-चीन रिश्तों पर जयशंकर का स्पष्ट संदेश, सीमा पर शांति और स्थिरता को बताया पहली शर्त

नई दिल्ली, दिल्ली:

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत और चीन के संबंधों को लेकर एक बार फिर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा है कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य और मजबूत बनाने के लिए सीमा पर शांति और स्थिरता सबसे बुनियादी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सीमा की स्थिति ही स्वाभाविक रूप से भारत और चीन के रिश्तों की दिशा तय करेगी।

जयशंकर ने कहा कि वर्ष 2020 की गर्मियों से लेकर 2024 के शरद ऋतु तक भारत-चीन संबंधों में तनाव का दौर रहा। इस दौरान सीमा पर उत्पन्न गतिरोध का सीधा असर दोनों देशों के व्यापक संबंधों पर पड़ा। उन्होंने कहा कि पूर्वी लद्दाख के डेपसांग और डेमचोक क्षेत्रों से जुड़े समझौतों के बाद कूटनीतिक बातचीत के लिए परिस्थितियां बेहतर हुई हैं और संबंधों में स्थिरता की संभावना बढ़ी है।

विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि भारत को वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना होगा। चीन सहित दुनिया के सभी देशों के साथ व्यापार करते समय भारत को अपनी आर्थिक और रणनीतिक क्षमता को मजबूत बनाए रखना होगा।

उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में भारत को अपनी आंतरिक ताकत, विनिर्माण क्षमता और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना जरूरी है। यदि देश ने पिछले दशकों में कुछ कमियों को पहले दूर कर लिया होता तो आज भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में और अधिक प्रभावशाली भूमिका निभा रहा होता।

जयशंकर ने कहा कि आत्मनिर्भरता का अर्थ दुनिया से अलग होना नहीं है, बल्कि अपनी क्षमताओं को इतना मजबूत बनाना है कि भारत वैश्विक स्तर पर आत्मविश्वास के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके।

अमेरिका और चीन के संबंधों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध जटिल हैं। दोनों के बीच कई क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा है, लेकिन कुछ मुद्दों पर सहयोग की संभावनाएं भी बनी रहती हैं। भारत अपनी विदेश नीति में ऐसे सभी वैश्विक समीकरणों को राष्ट्रीय हितों के आधार पर देखता है।

पाकिस्तान को लेकर जयशंकर ने कहा कि वह आतंकवाद का व्यवस्थित और लगातार इस्तेमाल करने के मामले में एक अलग उदाहरण है। वहीं, बांग्लादेश के साथ संबंधों पर उन्होंने कहा कि कोई भी रिश्ता तभी सफल हो सकता है, जब वह दोनों देशों के आपसी हितों को ध्यान में रखकर आगे बढ़े।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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