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शालिनी पांडे का डीपफेक वीडियो वायरल, एक्ट्रेस ने जताई नाराजगी; बोलीं- महिलाओं को निशाना बनाने के लिए AI का गलत इस्तेमाल परेशान करने वाला

**मुंबई, महाराष्ट्र**

बॉलीवुड एक्ट्रेस **शालिनी पांडे** डीपफेक और AI-जनरेटेड कंटेंट के बढ़ते खतरे का शिकार हो गई हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक कथित AI-जनरेटेड वीडियो वायरल होने के बाद एक्ट्रेस ने सफाई जारी करते हुए साफ कर दिया कि वीडियो में दिखाई गई सामग्री का उनसे कोई संबंध नहीं है। शालिनी ने इस तरह की तकनीक के गलत इस्तेमाल पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इसका इस्तेमाल खासतौर पर महिलाओं को निशाना बनाने और उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।

## HighLights

* शालिनी पांडे का कथित AI-जनरेटेड फेक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
* एक्ट्रेस ने वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताते हुए सफाई दी।
* शालिनी ने महिलाओं को निशाना बनाने के लिए AI के दुरुपयोग पर चिंता जताई।
* एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया यूजर्स से फर्जी वीडियो पर भरोसा न करने की अपील की।

### सोशल मीडिया पर शालिनी ने दी सफाई

सोमवार को शालिनी पांडे ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक नोट साझा कर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन प्रसारित किया जा रहा वीडियो AI की मदद से तैयार किया गया है और उसमें वह खुद मौजूद नहीं हैं।

एक्ट्रेस ने इस तरह की घटना को बेहद परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक का इस्तेमाल लोगों, खासकर महिलाओं को निशाना बनाने और उन्हें नुकसान पहुंचाने के लिए किया जाना चिंता का विषय है।

शालिनी की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है, जब AI की मदद से बनाए गए फर्जी वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं। डीपफेक तकनीक के जरिए किसी व्यक्ति के चेहरे या आवाज को दूसरे कंटेंट में इस तरह इस्तेमाल किया जा सकता है कि वह पहली नजर में वास्तविक प्रतीत हो।

### ‘टेक्नोलॉजी का इस तरह इस्तेमाल परेशान करने वाला’

शालिनी ने अपनी पोस्ट में AI के सकारात्मक इस्तेमाल के बजाय किसी व्यक्ति की पहचान और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए तकनीक के इस्तेमाल पर सवाल उठाया। उन्होंने खासतौर पर महिलाओं को इस तरह के फर्जी कंटेंट के जरिए निशाना बनाए जाने पर चिंता जताई।

एक्ट्रेस की प्रतिक्रिया से यह भी साफ है कि वायरल वीडियो को लेकर उनके प्रशंसकों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच किसी तरह का भ्रम न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वीडियो फर्जी है और इसे उनके वास्तविक वीडियो या बयान के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

### सेलिब्रिटीज के लिए बढ़ती चुनौती

डीपफेक का खतरा मनोरंजन जगत के लिए लगातार बड़ी चुनौती बन रहा है। कलाकारों की तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना AI-जनरेटेड कंटेंट तैयार करने में किया जा रहा है। ऐसे कंटेंट के वायरल होने से संबंधित व्यक्ति की छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है।

शालिनी पांडे की घटना एक बार फिर यह सवाल उठाती है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो और तस्वीरों को बिना सत्यापन के सही मान लेना कितना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे मामलों में यूजर्स के लिए जरूरी है कि वे किसी संदिग्ध वीडियो को आगे शेयर करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच करें।

शालिनी ने अपनी सफाई के जरिए लोगों को यह संदेश देने की कोशिश की है कि वायरल हो रहे फर्जी AI कंटेंट को उनके नाम से जोड़कर न देखा जाए। साथ ही, उनकी प्रतिक्रिया ने महिलाओं को निशाना बनाने के लिए AI के दुरुपयोग के गंभीर खतरे को भी सामने ला दिया है।

Divya Kirti
Author: Divya Kirti

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