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BRICS Summit 2026: नई दिल्ली पहुंचे ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, PM मोदी से द्विपक्षीय वार्ता; डॉलर पर भी साधा निशाना

नई दिल्ली, दिल्ली

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान शुक्रवार को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे। राजधानी में आयोजित होने वाले सम्मेलन में BRICS सदस्य देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक और वित्तीय सहयोग के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर बदलती भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत यात्रा के दौरान पेजेशकियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय मुलाकात भी करेंगे।

भारत पहुंचने से पहले तेहरान में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पेजेशकियान ने BRICS के उद्देश्यों और संगठन की भूमिका पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि BRICS का महत्वपूर्ण उद्देश्य दुनिया में एकतरफावाद का मुकाबला करना है। उन्होंने सदस्य देशों के बीच सहयोग और समन्वय को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

डॉलर पर निर्भरता कम करने पर जोर

ईरानी राष्ट्रपति ने अंतरराष्ट्रीय लेन-देन में अमेरिकी डॉलर की भूमिका का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि BRICS देशों के बीच आपसी निवेश और वित्तीय सहयोग को बढ़ावा देने की जरूरत है। उनके मुताबिक, सदस्य देशों के बीच लेन-देन में डॉलर पर निर्भरता कम करने की दिशा में सहयोग किया जा सकता है।

पेजेशकियान ने BRICS के वित्तीय सहयोग से जुड़े संस्थागत प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक और वित्तीय सहयोग को मजबूत करने से सदस्य देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

भारत-ईरान संबंधों पर भी चर्चा

भारत और ईरान के संबंधों का जिक्र करते हुए पेजेशकियान ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच मौजूद समानताओं और सहयोग के क्षेत्रों को और विस्तारित किया जा सकता है।

दोनों देशों के बीच ऊर्जा, व्यापार, परिवहन और क्षेत्रीय संपर्क लंबे समय से महत्वपूर्ण मुद्दे रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और पेजेशकियान की प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठक में आपसी संबंधों के साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत होने की संभावना है।

BRICS का बढ़ता दायरा

BRICS के विस्तार के बाद संगठन में अब कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात भी विस्तारित समूह का हिस्सा हैं।

नई दिल्ली में होने वाला सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। सम्मेलन में व्यापार, निवेश, वित्तीय सहयोग, विकास, वैश्विक संस्थाओं में सुधार और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

पेजेशकियान की भारत यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह ईरान को BRICS के मंच पर अपनी प्राथमिकताएं रखने और भारत समेत प्रमुख सदस्य देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने का अवसर देती है।

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